पब्लिक सेक्टर की यूनिट इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (IIFCL) का IPO अगले वित्त वर्ष में आ सकता है। इसके लिए सरकार से मंजूरी मिल गई है। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने आईपीओ प्रस्ताव को मंजूरी दी है। आम बजट 2026-27 में विनिवेश और एसेट मोनेटाइजेशन की बात कही गई थी। ये आईपीओ पब्लिक सेक्टर यूनिट के लिए सरकार का विनिवेश और पूंजी बाजार लिस्टिंग का हिस्सा है। फिलहाल सरकार की इस कंपनी में 100 प्रतिशत की हिस्सेदारी है।
IIFCL भारत सरकार की एक पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है जिसकी स्थापना वर्ष 2006 में हुई थी। कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को लंबी अवधि के लिए ऋण देने वाली संस्था के रूप में कार्य करती है। इनमें परिवहन, ऊर्जा, पानी, स्वच्छता, संचार, सामाजिक और वाणिज्यिक जैसे बुनियादी सेक्टर शामिल हैं। IFCL सितंबर 2013 से RBI के साथ NBFC-ND-IFC के तौर पर रजिस्टर्ड है और भारतीय रिजर्व बैंक के लागू प्रूडेंशियल नियमों का पालन करती है।
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वित्त वर्ष 2024-25 में IIFCL का नेट प्रॉफिट 39 प्रतिशत बढ़कर 2,165 करोड़ रुपए रहा। जो वित्त वर्ष 2023-24 में 1,552 करोड़ रुपए था। कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 2,029 करोड़ रुपए से 37 प्रतिशत बढ़कर 2,776 करोड़ रुपए हुआ। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी के द्वारा रिकॉर्ड 51,124 करोड़ रुपए सालाना सैंक्शन किए गए और 28,501 करोड़ रुपए अब तक की सबसे ज्यादा डिस्बर्समेंट दर्ज की गई। 31 जनवरी 2026 की स्थिति में कंपनी की वार्षिक स्वीकृति स्थिति 53,217 करोड़ रुपए है।