ईरान-इजरायल युद्ध और मिडिल ईस्ट के बिगड़ते हालातों के चलते खाड़ी देशों ने एयरस्पेस बंद कर दिए गए हैं। आसमान में 'नो फ्लाई जोन’ का असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। जिससे करीब 444 उड़ानें रद्द होने की आशंका है। इंडिगो, एयर इंडिया सहित कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने यूरोप, अमेरिका और खाड़ी देशों की उड़ानों पर रोक लगाई है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने रविवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर बताया कि ''ईरान और पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में 'नो फ्लाई जोन’ के चलते 28 फरवरी को घरेलू एयरलाइन की 410 उड़ानें रद्द की गईं थी। वहीं 1 मार्च को 444 उड़ानें रद्द होने की आशंका है।
ईरान-इजरायल युद्ध और मिडिल ईस्ट का असर पूरे ग्लोबल स्तर पर देखने को मिल रहा है। UAE ने अस्थायी रूप से अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। दुबई, दोहा और अबू धाबी जैसे बड़े एविएशन हब पर ऑपरेशंस रुकने से विश्व भर में 1,000 से ज्यादे उड़ानें रद्द हुई हैं। देश के कई बड़े एयरपोर्ट्स पर 'ऑपरेशनल अलर्ट' जारी है। फ्लाइट कैंसिल होने पर यात्री 'AirSewa' पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
टाटा ग्रुप की एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी दी कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए 1 मार्च के लिए निर्धारित अमेरिका, यूरोप और कनाडा की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया है।
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मुंबई, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और केरल से भी कई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स को कैंसिल कर दिया है। कोलकाता से दुबई, दोहा, और अबू धाबी जाने वाली फ्लाइट्स कैंसिल होने से कई विदेशी नागरिक फंस हुए हैं। दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर भी फसे अमेरिका और यूरोप जाने वाले यात्रियों का कहना है कि एयरपोर्ट पर उन्हें उड़ान संबंधी सही जानकारी नहीं मिल रही है। छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने सोशल मीडिया पर एडवाइजरी के द्वारा यात्रियों को घर से अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक करने की सलाह दी है।