21 मार्च की सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। भुवनेश्वर से मलकानगिरी जा रही एक निजी यात्री बस अचानक आग की लपटों में घिर गई। यह घटना ओडिशा-आंध्र प्रदेश सीमा के पास रामभद्रपुरम इलाके में सुबह करीब 3 बजे हुई।
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बस में आग लगते ही यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। नींद में डूबे लोग अचानक चीख-पुकार के बीच जागे और जान बचाने के लिए बाहर भागने लगे। कुछ ही मिनटों में आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी बस धधकने लगी। देखते ही देखते बस आग का गोला बन गई।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह खत्म हो चुकी थी।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बस में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को संभलने का भी ज्यादा समय नहीं मिला।
बस के अंदर धुआं भर गया था, जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया था। हालात ऐसे थे कि एक छोटी सी चूक बड़ा हादसा बन सकती थी।
इस बस में मलकानगिरी के कांग्रेस विधायक मंगू खिला भी सवार थे। हालांकि स्थिति बेहद खतरनाक थी, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी तरह की भगदड़ या बड़ा हादसा नहीं हुआ।
ड्राइवर की सूझ-बूझ और यात्रियों की सतर्कता ने बड़ी त्रासदी को टाल दिया। समय रहते सभी लोग बस से बाहर निकल आए।
इस पूरी घटना में बस ड्राइवर की भूमिका सबसे अहम रही। जैसे ही उसे आग का अंदाजा हुआ, उसने तुरंत बस रोक दी और यात्रियों को बाहर निकलने के लिए कहा।
अगर कुछ सेकंड की भी देरी होती, तो हालात बेहद गंभीर हो सकते थे। ड्राइवर की फुर्ती और सही समय पर लिया गया फैसला ही सभी की जिंदगी बचा गया।
ओडिशा के परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना ने इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने लिखा कि जैसे ही उन्हें बस में आग लगने और उसमें विधायक के सवार होने की खबर मिली, उन्होंने तुरंत फोन कर उनकी स्थिति की जानकारी ली। मंत्री ने राहत जताते हुए कहा कि सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।
फिलहाल प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि आखिर बस में आग लगने की असली वजह क्या थी। शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अधिकारी हर एंगल से मामले की जांच कर रहे हैं।