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ब्रजेश्वरी अग्निकांड: ‘चार्जिंग बनी चिता’ या खंभे की चिंगारी? जांच में सामने आया बड़ा सच, पुरानी घटनाओं से भी जुड़ती कड़ियां

ब्रजेश्वरी अग्निकांड: ‘चार्जिंग बनी चिता’ या खंभे की चिंगारी? जांच में सामने आया बड़ा सच, पुरानी घटनाओं से भी जुड़ती कड़ियां
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर — शहर के ब्रजेश्वरी एनएक्स में हुए दिल दहला देने वाले अग्निकांड की परतें अब डिजिटल सबूतों के जरिए खुलने लगी हैं। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि हादसे की जड़ इलेक्ट्रिक कार की बैटरी में हुआ विस्फोट हो सकता है, जिसने कुछ ही पलों में आग को विकराल रूप दे दिया। हालांकि, आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार अभी बाकी है, लेकिन तकनीकी जांच ने कई अहम सवालों के जवाब दे दिए हैं।

    जांच में सामने आया है कि घटना के समय इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पर लगी हुई थी। स्मार्ट मीटर और ट्रांसफार्मर से मिले डिजिटल डेटा ने इस बात की पुष्टि की है कि देर रात लगातार चार्जिंग के दौरान लोड अचानक बढ़ा और ओवरचार्जिंग की स्थिति बनी। विशेषज्ञों का मानना है कि इसी दबाव के चलते बैटरी ने ‘टाइम बम’ की तरह विस्फोट किया।

     

    बिजली कंपनी के अधिकारियों, फायर सेफ्टी एक्सपर्ट्स और पुलिस टीम ने करीब पांच घंटे तक घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि आग की शुरुआत बिजली के खंभे से नहीं, बल्कि कार से ही हुई थी। हालांकि, इलेक्ट्रिक बोर्ड और सॉकेट में शॉर्ट सर्किट की आशंका को भी पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है।

    तकनीकी रिपोर्ट के मुताबिक, घर में 15 किलोवाट का स्वीकृत लोड था। सामान्य उपकरणों के साथ जब कार चार्जिंग शुरू होती थी, तो कुल लोड 2 किलोवाट से बढ़कर 9 किलोवाट तक पहुंच जाता था। हादसे वाली रात भी कार रात 11 बजे से तड़के 3 बजे तक चार्ज होती रही। बीच में ऑटो कट-ऑफ हुआ, लेकिन आधे घंटे बाद सप्लाई दोबारा शुरू होते ही जोरदार धमाका हुआ, जिसने पूरे घर को आग की लपटों में घेर लिया।

     कार कंपनी के विशेषज्ञों ने मौके पर पहुंचकर जले हुए पुर्जों, वायरिंग और बैटरी सिस्टम की गहन जांच की। कार के पिछले हिस्से और पहिए की स्थिति ने भी ब्लास्ट की ओर इशारा किया है, जबकि अन्य हिस्से अपेक्षाकृत सुरक्षित पाए गए।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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