सात जन्मों का साथ निभाने उज्जवला अपनी किडनी देकर बचाएगी पति की जान
बुरहानपुर। शहर की इंदिरा कॉलोनी निवासी 45 वर्षीय राजेश भोलानकर की दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं। उनकी हालत ऐसी है कि सप्ताह में दो बार डायलिसिस कराना पड़ रहा है। पति की जिंदगी बचाने के लिए उनकी 41 वर्षीय पत्नी उज्जवला भोलानकर अब अपनी एक किडनी दान करने जा रही हैं। किडनी ट्रांसप्लांट से पहले होने वाले इलाज और चिकित्सा प्रक्रिया में करीब 10 लाख रुपए का खर्च आ रहा है। परिवार ने आर्थिक मदद के लिए सरकार से भी सहायता मांगी है, लेकिन अब तक कोई मदद नहीं मिली हे।
सप्ताह में दो बार डायलिसिस, इलाज का खर्च भी बढ़ा
राजेश भोलानकर प्राइवेट नौकरी करते हैं और अपने परिवार के साथ इंदिरा कॉलोनी में रहते हैं। पिछले कई सप्ताह से परिवार उनकी बीमारी के कारण आर्थिक परेशानी से गुजर रहा है। दोनों किडनियां खराब होने के बाद राजेश का सप्ताह में दो बार डायलिसिस कराया जा रहा है, जिसमें काफी खर्च हो रहा है। अब पति की जिंदगी बचाने के लिए उज्जवला ने अपनी एक किडनी दान करने का फैसला किया है। हालांकि इस प्रक्रिया में भी करीब 10 लाख रुपए का चिकित्सा खर्च बताया गया है। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए राजेश और उनके परिवार ने प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार से भी सहायता मांगी है, लेकिन अब तक उन्हें कोई मदद नहीं मिली है।
'खुशी के पल' संस्था ने की आर्थिक मदद
राजेश भोलानकर की आर्थिक स्थिति को देखते हुए मानवता के लिए काम करने वाली खुशी के पल संस्था ने उनकी मदद की है। संस्था की संयोजिका हरप्रीत शैली कीर ने बताया कि भोलानकर परिवार आर्थिक परेशानी में है। संस्था की ओर से यथासंभव आर्थिक मदद की गई है। संस्था ने समाज के दानदाताओं से भी राजेश के इलाज में सहयोग करने की अपील की है, ताकि उनके इलाज का खर्च जुटाया जा सके।
जरूरतमंदों की मदद करती है संस्था
राजेश की मदद के दौरान उषा माहेश्वरी, जॉली चीमा, रिचा सलुजा और जैनब ज्ञानी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। खुशी के पल संस्था जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए काम करती है। महिलाओं द्वारा बनाई गई यह संस्था महिलाओं को रोजगार, गरीब बच्चों की शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में भी मदद करती है।






















