BRICS Agriculture Summit 2026:इंदौर में जुटेंगे 20 देशों के प्रतिनिधि, खाद्य सुरक्षा से लेकर AI खेती तक होगा मंथन

दुनिया की कृषि शक्ति का बड़ा मंच बनेगा इंदौर
ब्रिक्स देशों का यह समूह वैश्विक कृषि क्षेत्र में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि और करीब 42 प्रतिशत खाद्य उत्पादन इन देशों के पास है। ऐसे में इंदौर में होने वाली यह बैठक केवल सदस्य देशों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि इसके निष्कर्षों का असर वैश्विक कृषि नीतियों और खाद्य सुरक्षा पर भी देखने को मिल सकता है।
छोटे किसानों पर रहेगा विशेष फोकस
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस बार की बैठकों में छोटे और सीमांत किसानों को केंद्र में रखा गया है। किसानों को नई तकनीकों, बेहतर बाजार, कृषि ऋण और अनुसंधान का लाभ कैसे मिले, इस पर विशेष चर्चा होगी। सरकार का मानना है कि कृषि विकास तभी सफल माना जाएगा जब किसानों की आय बढ़े और उनकी आजीविका अधिक सुरक्षित बने।
खाद्य सुरक्षा और जलवायु संकट पर होगा मंथन
दुनिया के कई देश आज जलवायु परिवर्तन, अनियमित बारिश और बढ़ते तापमान जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सम्मेलन में इस बात पर चर्चा होगी कि बदलते मौसम के बीच खेती को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ कैसे बनाया जाए। खाद्य सुरक्षा, पोषण और किसानों की आजीविका से जुड़े मुद्दे भी बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेंगे।
AI और डिजिटल खेती पर साझा होंगे अनुभव
कृषि क्षेत्र में तेजी से बढ़ती तकनीक भी इस सम्मेलन का अहम विषय होगी। डिजिटल कृषि, प्रिसिजन फार्मिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और डेटा आधारित खेती जैसे विषयों पर विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। उद्देश्य यह है कि कम संसाधनों में अधिक उत्पादन हासिल करने के लिए आधुनिक तकनीकों का बेहतर उपयोग किया जा सके।
महिलाओं और युवाओं की भूमिका पर भी चर्चा
सम्मेलन के दौरान कृषि क्षेत्र में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। 12 जून को लघु किसानों, महिलाओं एवं युवाओं के माध्यम से भविष्य की खाद्य सुरक्षा विषय पर मंत्री स्तरीय संवाद आयोजित होगा। इसमें कृषि क्षेत्र को नई पीढ़ी से जोड़ने और नवाचार को बढ़ावा देने पर विचार किया जाएगा।
ब्रिक्स वाटिका बनेगी आकर्षण का केंद्र
इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन को यादगार बनाने के लिए ब्रिक्स वाटिका का निर्माण भी किया जाएगा। सदस्य देशों के मंत्री और प्रतिनिधि सामूहिक वृक्षारोपण करेंगे। यह पहल पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के प्रति ब्रिक्स देशों की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक बनेगी।
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इंदौर की संस्कृति से रूबरू होंगे विदेशी मेहमान
सम्मेलन में शामिल होने वाले विदेशी प्रतिनिधियों को इंदौर और मालवा की सांस्कृतिक विरासत से भी परिचित कराया जाएगा। उनके लिए राजवाड़ा, छप्पन दुकान और ऐतिहासिक नगरी मांडू के भ्रमण का कार्यक्रम तैयार किया गया है। इसके जरिए भारत की संस्कृति, खानपान और ऐतिहासिक धरोहर को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।











