Peoples Update Special :MP का MNCU मॉडल बना नवजातों के लिए जीवनरक्षक, डेढ़ साल में मृत्यु दर 8% से घटकर 7%; केंद्र और UNICEF ने भी सराहा

मध्य प्रदेश का मदर न्यूबॉर्न केयर यूनिट (MNCU) मॉडल नवजातों की जान बचाने में प्रभावी साबित हुआ है। डेढ़ साल में गंभीर नवजातों की मृत्यु दर 8% से घटकर 7% हुई। UNICEF ने मॉडल की सराहना की जबकि केंद्र सरकार ने इसे अपनी न्यूबॉर्न केयर ऑपरेशन गाइडलाइन-2025 में शामिल किया।
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MP का MNCU मॉडल बना नवजातों के लिए जीवनरक्षक, डेढ़ साल में मृत्यु दर 8% से घटकर 7%; केंद्र और UNICEF ने भी सराहा
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प्रवीण श्रीवास्तव, भोपाल। मध्य प्रदेश में नवजात शिशुओं की देखभाल को लेकर शुरू किया गया मदर न्यूबॉर्न केयर यूनिट (MNCU) मॉडल अब देशभर के लिए मिसाल बनता जा रहा है। इस नवाचार ने गंभीर रूप से बीमार नवजातों के इलाज की पारंपरिक व्यवस्था को बदलते हुए मां और बच्चे को एक साथ रखने की व्यवस्था विकसित की है। इसका सकारात्मक असर अब आंकड़ों में भी साफ दिखाई दे रहा है। महज डेढ़ साल में गंभीर नवजातों की मृत्यु दर 8 प्रतिशत से घटकर 7 प्रतिशत हो गई है, जबकि डिस्चार्ज दर 81 प्रतिशत से बढ़कर 85 प्रतिशत पहुंच गई है। वहीं रेफरल दर 5 प्रतिशत से घटकर 4 प्रतिशत रह गई है। इस मॉडल की सफलता को देखते हुए UNICEF ने इसे परिवार-केंद्रित नवजात देखभाल का प्रभावी मॉडल बताया है जबकि केंद्र सरकार ने इसे अपनी फेसेलिटी बेस्ड न्यूबॉर्न केयर ऑपरेशन गाइडलाइन-2025 में भी शामिल कर लिया है।

मां और नवजात एक साथ, इलाज भी बेहतर

MNCU मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें बीमार नवजात को मां से अलग नहीं रखा जाता। मां और बच्चा एक ही यूनिट में रहते हैं, जहां डॉक्टर और नर्स इलाज करते हैं जबकि मां लगातार स्तनपान, कंगारू मदर केयर (त्वचा से त्वचा संपर्क) और नवजात की देखभाल में सक्रिय भूमिका निभाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कम वजन और समय से पहले जन्मे बच्चों को संक्रमण से सुरक्षा, शरीर का तापमान बनाए रखने और तेजी से स्वस्थ होने में मदद मिलती है।

24 जिलों में संचालित, पूरे प्रदेश में होगा विस्तार

प्रदेश में फिलहाल 24 मदर न्यूबॉर्न केयर यूनिट (MNCU) संचालित हो रही हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) इस मॉडल का विस्तार अन्य जिलों में भी कर रहा है ताकि अधिक से अधिक नवजातों को इस सुविधा का लाभ मिल सके।

शिशु मृत्यु दर में लगातार गिरावट

मध्य प्रदेश ने पिछले एक दशक में शिशु मृत्यु दर कम करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) के अनुसार वर्ष 2014 में प्रदेश की शिशु मृत्यु दर प्रति हजार जीवित जन्म पर 52 थी, जो अब घटकर 35 रह गई है। यानी 10 वर्षों में 17 अंकों की कमी दर्ज की गई है। इस उपलब्धि के साथ मध्य प्रदेश से देश में सर्वाधिक शिशु मृत्यु दर वाले राज्य का दाग भी हट गया है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ की शिशु मृत्यु दर 36 दर्ज की गई है।

क्या है MNCU?

मदर न्यूबॉर्न केयर यूनिट (MNCU) ऐसी विशेष नवजात इकाई है, जहां मां और बीमार नवजात को एक साथ रखा जाता है। इलाज के दौरान मां लगातार बच्चे के साथ रहती है और उसकी देखभाल में भागीदारी निभाती है। पहले गंभीर रूप से बीमार बच्चों को SNCU या NICU में मां से अलग रखा जाता था।

NICU, SNCU और MNCU में क्या अंतर?

  • NICU: अत्यधिक गंभीर नवजातों के लिए गहन चिकित्सा, वेंटिलेटर और लाइफ सपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं।
  • SNCU:  कम वजन और बीमार नवजातों का विशेष उपचार किया जाता है लेकिन अधिकांश मामलों में मां अलग रहती है।  
  • MNCU:  इलाज के दौरान मां और नवजात एक साथ रहते हैं। चिकित्सा के साथ स्तनपान, कंगारू मदर केयर और परिवार-केंद्रित देखभाल को उपचार का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है।

परिवार को भी दी जा रही नर्सिंग केयर की ट्रेनिंग

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अब केवल मां ही नहीं बल्कि पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को भी नवजात की देखभाल का प्रशिक्षण दे रहा है। उन्हें नवजात में बीमारी के शुरुआती लक्षण पहचानने, प्राथमिक देखभाल और घरेलू स्तर पर जरूरी सावधानियों की जानकारी दी जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे समय पर उपचार मिलने से शिशु मृत्यु दर कम करने में मदद मिल रही है।

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विशेषज्ञ बोले- वर्षों की मेहनत का परिणाम

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के पूर्व संचालक डॉ. पंकज शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2004 में विदिशा जिला अस्पताल में निजी सहयोग से प्रदेश की पहली SNCU शुरू की गई थी। इसके बाद 2008 में गुना में पहली सरकारी यूनिट शुरू हुई। उनका कहना है कि इन प्रयासों का ही परिणाम है कि मध्य प्रदेश में लगातार शिशु मृत्यु दर में कमी आ रही है।

प्रदेश में शिशु मृत्यु दर का सफर

  • 2008: 71
  • 2011: 56
  • 2014: 54
  • 2021: 39
  • 2023: 37
  • 2024: 34
  • 2025: 35

(स्रोत: केंद्र सरकार का सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम)

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NHM का लक्ष्य- शिशु मृत्यु दर सिंगल डिजिट में लाना

एनएचएम की अधिकारी डॉ. सलोनी सिडाना ने कहा कि प्रदेश का MNCU नेटवर्क नवजातों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में इस व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य नवजात और शिशु मृत्यु दर को लगातार कम करते हुए सिंगल डिजिट तक लाना है।

Sumit Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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