मुंबई नगर निगम चुनाव के बाद अब राजनीति नए मोड़ पर पहुंच गई है। हाल ही में चुनी गईं AIMIM पार्षद खैरुन्निसा अख्तर हुसैन एक विवाद के कारण सुर्खियों में आ गई हैं। उनके दफ्तर में लगी तस्वीरों ने राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और विपक्ष ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है।
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खैरुन्निसा अख्तर हुसैन ने हाल ही में अपने सरकारी कार्यालय की दीवार पर दो तस्वीरें लगाई थीं। एक तस्वीर उनकी पार्टी के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की थी और दूसरी ओर उनके हिस्ट्रीशीटर पति अकबर हुसैन की। यहीं से विवाद की शुरुआत हुई। जैसे ही यह मामला सामने आया, कई लोगों और राजनीतिक दलों ने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विरोध दर्ज कराया। पार्टी का कहना था कि एक सरकारी दफ्तर में किसी निजी व्यक्ति, खासकर जिस पर आपराधिक मामले दर्ज हों, उसकी तस्वीर लगाना सही नहीं है।
BJP ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर किस नियम के तहत यह तस्वीर कार्यालय में लगाई गई थी। इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा मिली, जिससे मामला और तूल पकड़ गया।
मामला बढ़ता देख AIMIM नेतृत्व ने तुरंत हस्तक्षेप किया। पार्टी ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए संबंधित पार्षद को तस्वीर हटाने के निर्देश दिए।
निर्देश मिलने के बाद कार्यालय से दोनों तस्वीरें हटा दी गईं। इस फैसले के बाद विवाद को शांत करने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक यह मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा हिस्सा बन चुका था।
खैरुन्निसा हुसैन के पति अकबर हुसैन को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ। उनके खिलाफ कई आपराधिक मामलों की बात सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन पर हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और तस्करी जैसे गंभीर मामलों सहित 20 से अधिक केस दर्ज बताए जाते हैं।
इसी वजह से विपक्ष ने सवाल उठाया कि क्या ऐसे व्यक्ति की तस्वीर किसी सरकारी दफ्तर में लगाई जानी चाहिए।
इस साल AIMIM ने मुंबई नगर निगम चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया है। पार्टी के कुल 8 पार्षद जीतकर आए हैं। इनमें खैरुन्निसा अख्तर हुसैन भी शामिल हैं, जिन्होंने एम-ईस्ट वार्ड (गोवंडी और देवनार क्षेत्र) से जीत हासिल की।