एंटरटेनमेंट डेस्क। बॉलीवुड के मशहूर फिल्म निर्माता और निर्देशक रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित घर पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) और मुंबई क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने इस मामले में फरार चल रहे एक और आरोपी को आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही एसटीएफ ने यह भी खुलासा किया कि, फायरिंग की घटना को क्यों अंजाम दिया गया था.
गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू (23) के रूप में हुई है, जो आगरा जिले के बाह क्षेत्र के महावीर नगर का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि, वह कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सहयोगी शुभम लोनकर गैंग से सोशल मीडिया के जरिए प्रभावित हुआ था और इसी के बाद उसने इस गैंग से जुड़ने का फैसला किया।
रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग की घटना के बाद से मुंबई पुलिस, क्राइम ब्रांच और यूपी एसटीएफ की टीमें लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थीं। जांच के दौरान पुलिस को तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर प्रदीप शर्मा के बारे में अहम सुराग मिले। पुलिस को इनपुट मिला कि आरोपी आगरा के बाह क्षेत्र में अपना ठिकाना बदलकर रह रहा है। इसके बाद मुंबई पुलिस और यूपी एसटीएफ की संयुक्त टीम ने 21 मार्च 2026 को दोपहर करीब 4 बजे इलाके में घेराबंदी की।
टीम ने महावीर नगर इलाके में दबिश देकर 23 वर्षीय प्रदीप शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे कानूनी प्रक्रिया के लिए आगरा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया।
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पूछताछ में आरोपी ने बताया कि, वह सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग और शुभम लोनकर गैंग की गतिविधियों से प्रभावित हो गया था। उसने पुलिस को बताया कि, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर गैंग के वीडियो और पोस्ट देखकर उसे लगा कि इनसे लोग डरते हैं और इनका दबदबा है। इसी प्रभाव में आकर उसने गैंग से जुड़ने और अपराध की दुनिया में कदम रखने का फैसला किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर कई आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया है।
जांच में सामने आया है कि, रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग का मकसद दहशत फैलाना और रंगदारी के जरिए अपना वर्चस्व स्थापित करना था। पुलिस के मुताबिक, यह हमला लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े शुभम लोनकर गैंग के इशारे पर किया गया था। गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में बताया कि, गैंग के कुछ सदस्य बॉलीवुड से जुड़े लोगों को डराकर रंगदारी वसूलने और अपना प्रभाव दिखाने की योजना बना रहे थे।

पूरा मामला 31 जनवरी 2026 की देर रात का है। पुलिस के अनुसार, मुंबई के जुहू इलाके में स्थित रोहित शेट्टी की नौ मंजिला इमारत पर रात करीब 12:45 बजे अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग की थी। हमलावरों ने इमारत की पहली मंजिल की ओर कम से कम पांच राउंड गोलियां चलाईं। इनमें से एक गोली इमारत के जिम के शीशे से टकराई थी। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई थी जिसमें इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, यह पोस्ट शुभम लोनकर आरजू नाम के फेसबुक अकाउंट से की गई थी। पोस्ट में दावा किया गया था कि, रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी शुभम लोनकर, आरजू बिश्नोई, हरि बॉक्सर और हरमन संधू लेते हैं।
पोस्ट में यह भी लिखा गया था कि, यह केवल ट्रेलर है और अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो अगली बार हमला और बड़ा हो सकता है।

वायरल पोस्ट में बॉलीवुड को भी खुली चेतावनी दी गई थी। पोस्ट में कहा गया था कि, अगर समय रहते लोग उनकी बात नहीं मानते हैं तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसमें यहां तक कहा गया था कि अगली बार गोली सीधे सीने में मारी जाएगी। इस धमकी भरे संदेश के बाद मुंबई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा बढ़ा दी थी।
इस मामले के बाद फिल्म अभिनेता रणवीर सिंह और निर्देशक रोहित शेट्टी को एक ऑडियो क्लिप के जरिए धमकी मिलने का मामला भी सामने आया था। पुलिस के अनुसार, इस ऑडियो क्लिप को भेजने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य हरि बॉक्सर बताया था।
यह ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई थी, जिसके बाद मुंबई पुलिस ने इसकी जांच शुरू की। शुरुआती जांच में यह भी आशंका जताई गई कि देश के कई अन्य लोगों को भी इसी तरह की धमकियां भेजी गई हो सकती हैं।
रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग के मामले में अब तक कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से पांच आरोपी आगरा के बाह क्षेत्र के रहने वाले हैं। गिरफ्तार आरोपियों में दीपक (24), सनी (23), सोनू (23), रितिक (22), विष्णु कुशवाहा (26), जतिन भारद्वाज (24) और विशाल शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन सभी आरोपियों को प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू ने ही गैंग से जोड़ा था और फायरिंग की योजना बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि, प्रदीप शर्मा पहले भी आपराधिक घटनाओं में शामिल रह चुका है। बताया गया है कि 28 मई 2025 को राजस्थान के नागौर जिले में एक व्यक्ति के घर पर फायरिंग के मामले में उसे पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया गया था और जेल भेजा गया था। जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से गैंग से जुड़ गया और अपराध की गतिविधियों में सक्रिय हो गया।
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शुभम लोनकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का एक प्रमुख सदस्य माना जाता है। वह महाराष्ट्र के अकोला का रहने वाला है और पहले वहां डेयरी का काम करता था। बाद में लॉरेंस बिश्नोई से प्रभावित होकर गैंग से जुड़ गया। पुलिस के मुताबिक, शुभम लोनकर गैंग का तकनीकी और सोशल मीडिया हैंडलर भी माना जाता है। वह गैंग के कई सोशल मीडिया अकाउंट्स संचालित करता है और इनके जरिए धमकी भरे संदेश फैलाए जाते हैं।
शुभम लोनकर का नाम एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में भी सामने आया था। बताया जाता है कि इस हत्याकांड की साजिश रचने में भी उसकी अहम भूमिका थी। उसने सोशल मीडिया पर इस हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा भी किया था।
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लॉरेंस बिश्नोई भारत के सबसे चर्चित गैंगस्टरों में से एक माना जाता है। उसका असली नाम सतविंदर सिंह है और वह पंजाब के फाजिल्का जिले के दतरावली गांव का रहने वाला है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ देशभर में 80 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह फिलहाल अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम कई हाई प्रोफाइल मामलों में सामने आ चुका है। इनमें पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या, करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या, अभिनेता सलमान खान को धमकी और घर पर फायरिंग की साजिश तथा महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या जैसे मामले शामिल हैं।
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पुलिस का कहना है कि प्रदीप शर्मा की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क को लेकर और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गैंग के और कौन-कौन से सदस्य इस घटना में शामिल थे।
जांच एजेंसियों को शक है कि गैंग का नेटवर्क देश के कई राज्यों तक फैला हुआ है और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को अपराध की दुनिया में खींचा जा रहा है।