Black Sea Attack:ब्लैक सी में कमर्शियल जहाज पर हमला, भारतीय नाविक की मौत, समुद्री सुरक्षा पर बढ़ा खतरा!

अमेरिका। ब्लैक सी में एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले में भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। इस घटना के बाद भारत सरकार ने गहरा दुख जताते हुए समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय के अनुसार जहाज पर कुल 10 क्रू सदस्य मौजूद थे, जिनमें तीन भारतीय भी शामिल थे। दो भारतीय सुरक्षित हैं, जबकि एक भारतीय नाविक की जान चली गई। भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का पालन करने और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
ब्लैक सी में हमले से भारतीय नाविक की मौत
विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ब्लैक सी में कमर्शियल जहाज MV OMORFI पर हुए हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। यह जहाज 18 जुलाई को रूस के समुद्री क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ। जहाज पर उस समय कुल 10 क्रू सदस्य मौजूद थे, जिनमें तीन भारतीय नागरिक भी शामिल थे। मंत्रालय ने मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
दो भारतीय सुरक्षित, परिवार की मदद में जुटा भारत
विदेश मंत्रालय ने बताया कि जहाज पर मौजूद बाकी दो भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं। रूस में भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और मृतक के परिवार को हर संभव सहायता देने की कोशिश कर रहा है। सरकार ने कहा है कि भारतीय मिशन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर हर तरह की मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
भारत ने हमले की कड़ी निंदा की
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने वाले ऐसे हमलों की स्पष्ट रूप से निंदा करता है। उनका कहना है कि निर्दोष क्रू सदस्यों की जान खतरे में डालना बेहद गंभीर मामला है। भारत ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करें और समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाए रखें ताकि वैश्विक व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहे।
पहले भी भारतीय बने थे हमले का शिकार
यह पहली बार नहीं है जब युद्ध के दौरान किसी कमर्शियल जहाज पर भारतीय नागरिक प्रभावित हुए हों। इससे पहले MV GOLDEN LEO नाम के कार्गो जहाज पर हुए हमले में चार भारतीयों की मौत हो गई थी। यह हमला यूक्रेन के तट के पास हुआ था। उस जहाज पर कई भारतीय और सीरियाई नागरिक काम कर रहे थे। एक भारतीय गंभीर रूप से घायल भी हुआ था, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
युद्ध से समुद्री व्यापार पर बढ़ रहा दबाव
रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी संघर्ष का असर अब समुद्री व्यापार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। ब्लैक सी और होर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्गों पर लगातार बढ़ते हमलों से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे हमले जारी रहे तो दुनिया भर में व्यापार और सप्लाई चेन पर इसका असर पड़ सकता है।
ट्रम्प का रूस, चीन और ईरान पर बड़ा बयान
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि रूस या चीन सीधे ईरान युद्ध में शामिल हैं। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोनों देशों ने इस संघर्ष में दखल दिया तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें भरोसा दिया है कि वे ईरान को हथियार उपलब्ध नहीं कराएंगे।











