शेयर बाजार में 22 महीनों के बाद आज सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 2497 अंक गिरकर 74,207 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 776 अंक की कमजोरी के साथ 23,002 के पर पहुंच गया। इससे पहले 4 जून 2024 को बाजार में इससे बड़ी गिरावट देखी गई थी।
आज के कारोबार में बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव और युद्ध जैसे हालातों के कारण आई है। ऐसे माहौल में महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है जिससे कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि निवेशक जोखिम वाले एसेट से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
| सेक्टर | गिरावट (%) |
| Auto | 4.25 |
| Financial Services | 3.99 |
| Realty | 3.81 |
| Consumer Durables | 3.64 |
| Private Bank | 3.41 |
बाजार की गिरावट के बीच HDFC बैंक के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतनु चक्रवर्ती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद शेयर में करीब 5% की गिरावट आई। स्टॉक ₹43 गिरकर ₹800 के स्तर पर आ गया है। अपने इस्तीफे में चक्रवर्ती ने बैंक के कामकाज के कुछ पहलुओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने ऐसी स्थितियां देखीं, जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता से मेल नहीं खातीं।
| निफ्टी गेनर्स | बढ़त (%) |
| ONGC | 1.55 |
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| निफ्टी लूजर्स | गिरावट (%) |
| Shriram Finance | 6.71 |
| Eternal | 5.38 |
| HDFC Bank | 5.11 |
| Bajaj Finance | 4.93 |
| M&M | 4.82 |
बाजार की इस तेज गिरावट का असर निवेशकों की एसेट पर भी पड़ा। BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन एक दिन में 439 लाख करोड़ रुपए से घटकर 430 लाख करोड़ रुपए रह गया। यानी निवेशकों की वेल्थ में करीब ₹9 लाख करोड़ की गिरावट दर्ज की गई।