
अमिताभ बुधौलिया. देश के जाने-माने जर्नलिस्ट दीपक चौरसिया ‘बिग बॉस ओटीटी 3’ से बाहर हो गए हैं। (BIGG BOSS OTT 3 Deepak Chaurasia) हालांकि वे मानते हैं कि इन 4 हफ्तों का उनका ये सफर बहुत बढ़िया रहा। कई चीजें सीखने को मिलीं, खासकर उन्होंने अपने गुस्से को काबू में करना सीख लिया। रणवीर शौरी (Ranvir Shorey) द्वारा उन्हें घर से बाहर करने के लिए नॉमिनेट किए जाने के बावजूद दीपक ने इसे अपना प्रारब्ध (Destiny) मानकर संतोष जाहिर किया। पीपुल्स अपडेट के लिए दीपक चौरसिया की जीवन संगिनी जर्नलिस्ट अनसुया रॉय ने उनसे कुछ सवाल पूछे…देखिए ये एक्सक्लूसिव संवाद…
अनसुया रॉय-बिग बॉस के अनुभव को कैसे बयां करेंगे?
दीपक चौरसिया-बहुत अच्छा सफर रहा। आपको पता है कि मैं एक मुश्किल शारीरिक हालात में गया था। मेरा एक freak accident(घातक एक्सीडेंट) हुआ था। उसके बाद मेरी बहुत बड़ी सर्जरी हुई थी, जो करीब 6 घंटे तक चली थी। उस वक्त मेरा मन बहुत टूट गया था। तब मुझे लग रहा था कि मैं बिग बॉस में नहीं जा पाऊंगा, लेकिन मेरी दो बेटियां और मेरी वाइफ(अनसुया) ने इसके लिए मुझे प्रेरित किया कि मुश्किल हालात में भी आप बड़े अच्छे काम करते रहे हैं। मेकर्स ने भी मेरा हौसला बढ़ाया। बिग बॉस के घर मैं बड़ी मुश्किल परिस्थितियों में रहा, लेकिन मुझे बहुत सुखद एहसास है कि ये 4 हफ्ते जो मैंने बिताए हैं, वो मेरी जिंदगी से सबसे बेहतर अनुभव हैं। उसके पॉजिटिव पॉइंट्स मैं अपनी जिंदगी में उतारने की कोशिश करूंगा।
अनसुया रॉय-बिग बॉस में जाने के बाद जीवन में क्या बदलाव महसूस कर रहे हैं?
दीपक चौरसिया-आपको जानकर हंसी आएगी कि मैं बिग बॉस में इसलिए जाना चाहता था कि संयम के साथ रह सकूं। विपरीत परिस्थितियों में…गुस्सा मेरी नाक पर रहता है, वो न करूं। मैंने अपनी पत्नी, बेटियों और बहनों को वादा किया था…दीप्ति(बहन) को वादा किया था कि मैं बिलकुल गुस्सा नहीं करूंगा।…और हां, एक महीने में सिर्फ दो बार गुस्सा किया है। ये जो रेट है, वो बहुत स्लो है। इससे पहले मैं दिन में चार-पांच बार गुस्सा किया करता था। मुझसे मेरी टीम बड़ी परेशान रहती थी।
अनसुया रॉय-क्या बिग बॉस सच में नकाब उतार देते हैं?
दीपक चौरसिया-मुझे लगता है कि बिग बॉस एक हद क तो लोगों के चेहरे से नकाब उतारते हैं। जब आप 24×7 कैमरे के सामने हैं, मॉनिटरिंग में रहें, तो आप चाहे न चाहें आपके मुंह से कोई न कोई ऐसा शब्द जरूर निकलेगा, जिसे लेकर आपको पसंद किया जाएगा या नहीं किया जाएगा। आप कितना फेक बनने की कोशिश करेंगे? जब आपको गुस्सा आ जाता है, तब आप गुस्सा नहीं करेंगे, यह एक कला है। हर कोई यह नहीं कर पाता है।
अनसुया रॉय-आपने रणवीर शौरी को वीटो पॉवर दिया, पर उन्होंने आपको ही नॉमिनेट कर दिया?
दीपक चौरसिया-एक शेर है, दोस्त बन-बनकर मिले मुझको मिटाने वाले/मैंने देखे हैं कई रंग बदलने वाले…लेकिन मैं रणवीर जी के बारे में एक बात कहूंगा कि वो मेरे दोस्त हैं, हमेशा रहेंगे। मैंने ही उनको ये पॉवर दिया था, हालांकि बिग बॉस ने उन पर गुगली फेंकी। मैं इसे डेस्टिनी मानता हूं। जिंदगी में जो भी बदलाव होते हैं, वो हमारे ईष्ट ने…भगवान ने तय किए हैं। इसीलिए मैं यह कहना चाहता हूं कि रणवीर सिंह जी सिर्फ एक माध्यम बने हैं।
अनसुया रॉय-ऐसा कोई Regret(अफसोस) है, जो बिग बॉस के घर में नहीं कर पाए?
दीपक चौरसिया- एक रिग्रेट मुझे हमेशा रहेगा कि मुझे खाना बनाने का बहुत शौक है। मैं कई तरह का खाना बना लेता हूं। फ्यूजन फूड भी बना लेता हूं, जहां कम रिर्सोसेज में, कम मसालों में खाना बन जाता है। मैंने लाइफ की शुरुआत में अपना खाना खुद बनाया है। जब मैं यूके में पढ़ रहा था, तब आजतक में काम करता था, उस समय 22 लोगों का खाना तीन-साढ़े तीन महीने तक खुद बनाता था। इसलिए मुझे इस बात का दु:ख हमेशा रहेगा कि मैं अपने खाने का टेस्ट बिग बॉस के घर में लोगों को नहीं करा सका।
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