अशोक गौतम, भोपाल। मप्र में बीते 10 माह में मुफ्त राशन के लिए 25 लाख परिवारों ने आवेदन किया है। इन्होंने जन प्रतिनिधियों से आवेदन सत्यापित कराए, लेकिन जब खाद्य विभाग ने इन परिवारों से आधार, बैंक, समग्र आईडी और फोन नंबर की डिमांड की तो 5 लाख परिवार सामने नहीं आए। खाद्य विभाग ने इन परिवारों के आवेदनों को होल्ड कर दिया है। खाद्य विभाग द्वारा आवेदन करने वाले से आधार, बैंक, समग्र आईडी और फोन नंबर भी लिया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें KYC भी अपडेट कराना पड़ता है, ताकि किसी तरह की समस्या न हो। आवेदन के बाद हितग्राही KYC अपडेट नहीं कराते हैं, तो उनका नाम खाद्यन्न सूची में नहीं जोड़ा जाएगा।
मप्र में वर्तमान में 5.45 करोड़ परिवारों को पीडीएस के तहत खाद्यान्न योजना का लाभ दिया जा रहा है। इसके लिए हर साल करीब 23 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न पीडीएस में वितरित किया जाता है। हालांकि केन्द्र सरकार ने मप्र में 5.38 करोड़ परिवारों को खाद्यान्न वितरण के लिए कोटा तय किया है। खाद्य विभाग जिन हितग्राहियों के नाम पीडीएस सूची से बाहर कर रहा है, उनकी जगह पूर्व में सर्वे में पात्र पाए गए हितग्राहियों का नाम जोड़ा जा रहा है।
पीडीएस में सबसे ज्यादा 12 हजार से अधिक हितग्राहियों के नाम इंदौर और देवास जिलों में हटाए गए हैं। वहीं भोपाल और ग्वालियर में 3-3 हजार से अधिक हितग्राहियों के नाम हटाए गए हैं। भोपाल से ज्यादा सीहोर में नाम सूची से बाहर किए गए हैं। हालांकि इन जिलों में अभी सत्यापन का काम चल रहा है, जो इस माह तक पूरा हो जाएगा।
सभी पात्रों को थंब इंप्रेशन से खाद्यान्न वितरित होगा। इसकी भी आॅनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था है,जिनके थंब इंप्रेशन घिस गए हैं, उनकी आखों को स्कैन कर डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। दुकानों को आईरिस स्कैन मशीन दी गई है। किन्हीं कारणों से जिनके थंब इंप्रेशन नहीं आ रहे, उनका राशन परिवार के लोगों को दिए जाने की व्यवस्था की गई थी।
खाद्यान्न योजना का लाभ ले रहे परिवार के किसी एक सदस्य के मोबाइल से ही सभी सदस्यों की फेस ई-केवायसी की जा सकती है। साथ ही मप्र से बाहर गए हितग्राही किसी भी प्रदेश में इस ऐप पर अपना e-KYC कर सकते हैं। हितग्राही अपने एंड्रायड फोन पर मेरा ई-केवायसी ऐप को डाउनलोड कर फेस वेरिफिकेशन के माध्यम से ई-केवायसी कर सकता है। वृद्ध हितग्राही एवं बच्चों की ई-केवायसी भी इस ऐप से कर सकते हैं। 10 माह के अंदर ऐप के माध्यम से 12 लाख परिवारों ने केवाईसी अपडेट किया है।
पीडीएस हितग्राहियों का KYC लिंक कराने के लिए अभियान चलाया गया था। इसमें लाखों हितग्राही सामने नहीं आए। जिन हितग्राहियों के KYC नहीं हैं, उन्हें खाद्यान्न नहीं मिलेगा। इस अभियान के दौरान 20 लाख से अधिक हितग्राहियों के नाम सूची से बाहर किए गए हैं।
कर्मवीर शर्मा, खाद्य आयुक्त