राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटू श्याम मंदिर में रोजाना हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। अगर आप भी बाबा श्याम के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। मंदिर कमेटी ने 18 और 19 फरवरी 2026 को लेकर नई समय-सारणी जारी की है।
मंदिर कमेटी के अनुसार, विशेष पूजा, सेवा और तिलक श्रृंगार के कारण खाटू श्याम मंदिर आम भक्तों के लिए कुछ समय के लिए बंद रहेगा।
मंदिर बंद रहेगा-
इस दौरान आम दर्शनार्थियों को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
मंदिर कमेटी ने सभी श्याम भक्तों से अपील की है कि वे इस समय-सारणी को ध्यान में रखकर ही खाटू धाम आएं। कमेटी ने कहा है कि भक्त व्यवस्थाओं में सहयोग करें और निर्धारित समय के बाद ही दर्शन के लिए पधारें।
इस अवधि में बाबा श्याम का पुराना तिलक उतारा जाता है और फिर नया तिलक, श्रृंगार और विशेष पूजा की जाती है।
खाटू श्याम जी को कलियुग में भगवान श्रीकृष्ण का अवतार माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, भीम के पौत्र बर्बरीक ने महाभारत युद्ध के समय श्रीकृष्ण को अपना शीश दान किया था।
इस भक्ति से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने वरदान दिया कि कलियुग में बर्बरीक श्याम नाम से पूजे जाएंगे। वे ‘हारे का सहारा’ कहलाएंगे। इसी वजह से खाटू धाम को हारे का सहारा कहा जाता है।
देशभर में बाबा खाटू श्याम के कई मंदिर हैं, लेकिन राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम धाम सबसे प्रसिद्ध माना जाता है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।