भोपाल में युवा नेतृत्व का सबसे बड़ा जमावड़ा :3 राज्यों के 55 युवा विधायक एक मंच पर, दो दिन चलेगा लोकतंत्र का महाकुंभ

भोपाल में 30-31 मार्च को युवा विधायक सम्मेलन आयोजित होगा। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के 55 विधायक भाग लेंगे। संसदीय परंपराओं, नेतृत्व और लोकतांत्रिक मूल्यों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित कई वरिष्ठ नेता और राज्यसभा उपसभापति हरिवंश भी शामिल होंगे।
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3 राज्यों के 55 युवा विधायक एक मंच पर, दो दिन चलेगा लोकतंत्र का महाकुंभ
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रही है। 30 और 31 मार्च को यहां युवा विधायकों का बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा जिसमें तीन राज्यों- मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के 55 युवा विधायक भाग लेंगे। यह आयोजन राष्ट्रकुल संसदीय संघ (CPA) भारत क्षेत्र के जोन-6 के तत्वावधान में मध्य प्रदेश विधानसभा में  किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य युवा जनप्रतिनिधियों को संसदीय परंपराओं, लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रभावी नेतृत्व के गुणों से जोड़ना है। दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में न केवल विधायकों के बीच विचार-विमर्श होगा, बल्कि यह मंच उन्हें शासन और नीति निर्माण के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का भी अवसर देगा।

    बड़े नेताओं की मौजूदगी में होगी शुरुआत

    सम्मेलन का उद्घाटन 30 मार्च को किया जाएगा, जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा तीनों राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष- नरेंद्र सिंह तोमर, वासुदेव देवनानी  और डॉ. रमन सिंह भी मंच साझा करेंगे। इन वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन युवा विधायकों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि वे अपने लंबे राजनीतिक अनुभव से नई पीढ़ी को दिशा देंगे।

    क्या है सम्मेलन का उद्देश्य?

    इस युवा विधायक सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था में नई पीढ़ी की भूमिका को मजबूत करना है। आज के समय में राजनीति तेजी से बदल रही है, ऐसे में युवा विधायकों को आधुनिक चुनौतियों, जन अपेक्षाओं और तकनीकी बदलावों के अनुरूप खुद को तैयार करना जरूरी है। सम्मेलन के दौरान विधायकों को संसदीय प्रक्रियाओं, कानून निर्माण, जनसंपर्क और प्रशासनिक जिम्मेदारियों पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

    संसदीय मर्यादाओं और आचरण पर विशेष चर्चा

    इस आयोजन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा संसदीय मर्यादाओं और आचरण पर होने वाली चर्चा होगी। अक्सर देखा जाता है कि सदनों में बहस के दौरान शालीनता और अनुशासन प्रभावित होता है। ऐसे में यह सम्मेलन युवा विधायकों को यह सिखाने का प्रयास करेगा कि किस तरह वे सदन की गरिमा बनाए रखते हुए प्रभावी तरीके से अपनी बात रख सकते हैं। यह पहल लोकतंत्र की गुणवत्ता को सुधारने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

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    समापन सत्र में खास मेहमान

    31 मार्च को सम्मेलन का समापन होगा, जिसमें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे अपने अनुभव साझा करेंगे और युवा विधायकों को संसदीय कार्यप्रणाली के गहरे पहलुओं से अवगत कराएंगे। इसके अलावा मध्य प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि लोकतंत्र में सत्ता और विपक्ष दोनों की भूमिका बराबर महत्वपूर्ण है।

    तीनों राज्यों से भागीदारी

    इस सम्मेलन में तीन राज्यों से कुल 55 युवा विधायक हिस्सा लेंगे, जिनमें:

    •  मध्य प्रदेश से 18 विधायक
    • राजस्थान से 22 विधायक
    • छत्तीसगढ़ से 15 विधायक

    यह आंकड़ा इस बात को दर्शाता है कि आयोजन का दायरा व्यापक है और इसमें क्षेत्रीय संतुलन का भी ध्यान रखा गया है।

    राजस्थान के युवा विधायक: नई ऊर्जा का प्रतिनिधित्व

    राजस्थान से आने वाले 22 युवा विधायक इस सम्मेलन में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराएंगे। इनमें अभिमन्यु पूनिया, अमित चाचाण, दीप्ति किरण माहेश्वरी, शिखा मील बराला, गणेश घोघरा, हंसराज मीणा, ललित यादव और रविन्द्र सिंह भाटी जैसे नाम शामिल हैं। ये सभी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय राजनीति कर रहे हैं और इस सम्मेलन के जरिए अपने अनुभव साझा करेंगे।

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    छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि: जमीनी राजनीति का अनुभव

    छत्तीसगढ़ से आने वाले 15 युवा विधायक भी इस आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इनमें गुरु खुशवंत साहेब, देवेन्द्र यादव, ओ.पी. चौधरी, भावना बोहरा, शकुन्तला सिंह पोर्ते और हर्षिता स्वामी बघेल जैसे विधायक शामिल हैं।
    इन विधायकों का जमीनी अनुभव और क्षेत्रीय समझ सम्मेलन की चर्चाओं को और समृद्ध बनाएगी।

    मध्य प्रदेश के युवा विधायक: मेजबान राज्य की मजबूत मौजूदगी

    मेजबान राज्य मध्य प्रदेश से 18 युवा विधायक इस सम्मेलन में भाग लेंगे। इनमें जयवर्धन सिंह, पंकज उपाध्याय, हेमन्त कटारे, प्रियंका पेंची, सिद्धार्थ कुशवाहा और दिव्यराज सिंह जैसे नाम प्रमुख हैं। इनकी भागीदारी से सम्मेलन को स्थानीय दृष्टिकोण भी मिलेगा, जिससे चर्चा अधिक व्यावहारिक और प्रभावी होगी।

    Sona Rajput
    By Sona Rajput

    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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