
भोपाल में महिला आरक्षण बिल को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ। एमपी महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया के नेतृत्व में महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया और सड़कों पर उतरकर विरोध जताया। प्रदर्शन में 100 से अधिक महिलाएं शामिल हुईं। सभी के हाथों में कांग्रेस के झंडे थे। महिलाओं ने कांग्रेस कार्यालय से भाजपा कार्यालय तक पैदल मार्च भी निकाला।
महिलाएं भाजपा नेताओं को लॉलीपॉप देने के लिए मार्च निकाल रही थीं। उनका कहना था कि भाजपा महिलाओं को सिर्फ वादे करती है, इसलिए वे प्रतीक के तौर पर यह विरोध कर रही हैं। महिला कांग्रेस की संयुक्त प्रदेश सचिव सेजल पटेल ने कहा कि भाजपा महिलाओं से डरती है और उन्हें सिर्फ लॉलीपॉप देती है। इसलिए विरोध जताने के लिए यह प्रदर्शन किया गया।
मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। महिलाओं ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया को गिरफ्तार कर लिया।
भाजपा ने इस विरोध को सिरे से नकारते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि यह बिल लागू होने पर महिलाओं को वास्तविक सशक्तिकरण मिलेगा। इसे लॉलीपॉप बताना न केवल गलत है, बल्कि जनता के साथ भी अन्याय है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2026 के तहत महिलाओं को संसद में 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव था। इसके लिए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया गया था।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार महिलाओं को आरक्षण देने के नाम पर लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ाकर 816 करना चाहती है, जिससे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच संतुलन बिगड़ सकता है। इसी वजह से बिल का विरोध किया गया और यह पास नहीं हो पाया।