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LPG crisis:राजधानी भोपाल में पीएनजी की बढ़ी मांग, अल्टीमेटम के बाद हलचल, अब कनेक्शन लेना अनिवार्य

एलपीजी की किल्लत के बीच सरकार के तीन महीने के अल्टीमेटम ने राजधानी भोपाल में किचिन की सियासत बदल दी है। आदेश के मुताबिक जिन इलाकों में पीएनजी लाइन पहुंच चुकी है, वहां कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा, वरना एलपीजी सप्लाई बंद होने का खतरा है।
राजधानी भोपाल में पीएनजी की बढ़ी मांग, अल्टीमेटम के बाद हलचल, अब कनेक्शन लेना अनिवार्य
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    सरकार एलपीजी पर दबाव कम कर पीएनजी को बढ़ावा देना चाहती है, लेकिन अधूरी तैयारी और खराब सप्लाई लोगों के लिए परेशानी बन रही है। जहां लाइन है, वहां प्रेशर और सर्विस की दिक्कत है, और जहां जरूरत है, वहां अभी लाइन ही नहीं पहुंची है।

    अल्टीमेटम के बाद बढ़ी हलचल

    आदेश आते ही पीएनजी के लिए पूछताछ और आवेदन अचानक बढ़ गए हैं। लेकिन जमीनी हकीकत ये है कि शहर में अब तक सिर्फ करीब 36 हजार कनेक्शन ही दिए जा सके हैं, जबकि पांच साल पहले लक्ष्य ढाई लाख का तय किया गया था। सच्चाई ये है कि भोपाल में पीएनजी का विस्तार कागजों पर तेज दिख रहा है, लेकिन जमीन पर तस्वीर अधूरी है। 

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    प्रेशर की समस्या, लोग फिर लौटे सिलेंडर पर

    लोगों का कहना है कि हमने कनेक्शन लिया था पर प्रेशर ही नहीं आता, इस वजह से हमने सिलेंडर का इस्तेमाल फिर से शुरू कर दिया। शिकायत करते हैं तो सुनवाई नहीं होती। पीएनजी के लिए काम कर रही थिंक गैस से मिली जानकारी के मुताबिक अल्टीमेटम के बाद शहर में पीएनजी कनेक्शन के लिए इन्क्वायरी बढ़ गई है। दो दिन में करीब 150 से ज्यादा फोन और लोग आ चुके हैं, जबकि आम दिनों में रोज 20 से 25 इन्क्वायरी ही आती थी।

    अभी केवल 36 हजार कनेक्शन दिए गए 

    सरकार ने साल 2031 तक भोपाल सहित समूचे मध्य प्रदेश में 65 लाख 22 हजार घरेलू पीएनजी कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा है। लेकिन पिछले साल मई तक के आंकड़े बताते हैं कि राज्य अपने 6.22 लाख के वर्तमान लक्ष्य के मुकाबले आधे पर 2 लाख 93 हजार पर ही अटका रहा। भोपाल में 5 लाख 50 हजार से ज्यादा कनेक्शन दिए जाने हैं, लेकिन अभी केवल 36 हजार कनेक्शन ही हो सके हैं।

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    इन इलाकों में उपलब्ध है पीएनजी

    बता दें कि पीएनजी को एलपीजी के मुकाबले अधिक सुरक्षित और किफायती माना जाता है, क्योंकि यह जमीन के नीचे पाइप से सीधे किचन तक आती है। लेकिन कनेक्शन लेने में करीब 5 हजार से 10 हजार रुपए तक का रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट लगता है, जबकि नया कनेक्शन करीब 7 हजार रुपए में मिलता है। शहर के अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा, कोलार रोड, होशंगाबाद रोड, कटारा हिल्स और करोंद जैसे इलाकों में पाइपलाइन बिछ चुकी है, लेकिन कई जगह अभी भी बुनियादी काम बाकी है।

    Rohit Sharma
    By Rohit Sharma

    पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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