मध्य प्रदेश की राजनीति में गौमाता को लेकर एक ऐसा प्रस्ताव सामने आया है, जिसने सियासत से ज्यादा आस्था की बहस छेड़ दी है। भोपाल से मुस्लिम विधायक द्वारा की गई मांग पर न सिर्फ साधु-संतों का ध्यान गया, बल्कि ज्योतिर्मठ पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती इतने प्रसन्न हुए कि उन्होंने खुले मंच से उस विधायक की सराहना कर डाली। खास बात यह रही कि इस मौके पर उन्होंने हिंदू विधायकों को भी आईना दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
भोपाल उत्तर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने मध्य प्रदेश विधानसभा में एक अशासकीय संकल्प पेश किया। इसमें गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने, उसकी मृत्यु पर सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार और मांस-चमड़े के व्यापार पर पूर्ण रोक की मांग की गई।
इस पूरे मामले को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने एक वीडियो जारी कर कहा कि बड़ा आश्चर्य होता है, तब जब हम जिससे आशा करते हैं वह हमारी आशा को पूरा नहीं करता है, और जिससे हमारी आशा ही ना हो, वह आगे बढ़कर के हमारे हृदय के पास खड़ा हो जाता है। ऐसा ही एक दृश्य मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से निकलकर सामने आया है, जहां पर भोपाल उत्तर सीट से विधायक आतिफ अकील ने विधानसभा में एक अशासकीय संकल्प पेश करते हुए गौमाता को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने गौमाता के मांस और चमड़े के व्यापार पर भी पूरी तरह से रोक लगाने और गोकशी करने वाले लोगों के ऊपर सख्ती बरतने के लिए कहा है। शंकराचार्य ने बताया कि अकील ने गौमाता की मृत्यु होने पर पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार करने की व्यवस्था करने की मांग भी की है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे राज्य के हिंदू विधायकों को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह मांग स्वयं को हिंदू कहने वाले विधायकों के द्वारा की जानी चाहिए थी, यह संकल्प उनके द्वारा प्रस्तुत किया जाना चाहिए था, लेकिन हिंदू ना केवल अपना धर्म पालन करने में चूक रहे हैं, बल्कि अपने आप को हिंदू कहलवाने में भी चूक रहे हैं।
भोपाल उत्तर सीट से विधायक आतिफ अकील की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि आज MP विधानसभा में जितने भी हिंदू विधायक हैं, आतिफ अकील कहीं ना कहीं उनसे बढ़त ले चुके हैं। लेकिन कोई बात नहीं, अभी भी मौका है, इनके द्वारा जो संकल्प प्रस्तुत किया गया है, उस संकल्प को पारित करके सभी विधायक, इस अच्छे कार्य में अपने आप को सहभागी बना सकते हैं और सभी अभिनंदनीय हो सकते हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मध्य प्रदेश के हिंदू विधायकों को कहीं ना कहीं चुनौती देते हुए कहा कि अगर यह प्रस्ताव असफल रहता है तो मध्य प्रदेश के हिंदू विधायकों के ऊपर बहुत बड़ा कलंक होगा, यही हम कहना चाहते हैं। साथ ही हम भोपाल उत्तर विधानसभा सीट के कांग्रेस विधायक आतिफ अकील का खूब-खूब अभिनंदन करना चाहेंगे, साथ ही उनके परिवार को और उनके इष्ट मित्रों का भी अभिनंदन करना चाहेंगे जिन्होंने उनको यह बल दिया कि वह विधानसभा में इस तरह का प्रस्ताव ला सकें।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि संसद में भी हम देख रहे हैं कि मुस्लिम सांसद तो कह रहे हैं कि गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करो, लेकिन तथाकथित जो अपने आप को हिंदू कहने वाली पार्टी है, या जो अपने आप को हिंदू कहने वाले सांसद हैं, दूसरी पार्टियों के, वो लोग कहीं ना कहीं इस मामले में चूक रहे हैं। इसलिए इस मामले में हमारा सबसे यही कहना है कि, आपकी जो भी आस्था है, या आपकी आस्था अगर मर भी गई है तो भी आप जिनके प्रतिनिधि हैं उस जनता की तरफ से इस प्रस्ताव का समर्थन करने की और इस तरह का प्रस्ताव लाने की आवश्यकता है।
अविमुक्तेश्वरानंद ने अपनी बात खत्म करते हुए अंत में कहा कि हर हिंदू से हम कहना चाहेंगे, गौमाता के पक्ष में खड़े होकर के अपने आपको असली हिंदू घोषित करिए, नहीं तो जनता की नजर में आप नकली हिंदू होंगे, नकली हिंदू का कोई मतलब नहीं। इसलिए गौमाता के पक्ष में खड़े होइये।