अब कचरे पर भी लगेगा चार्ज?भोपाल में नए नियमों पर 9 जून को नगर निगम परिषद की होगी अहम बैठक

भोपाल में कचरा प्रबंधन को लेकर जल्द बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। शहर में बड़ी मात्रा में कचरा पैदा करने वाले संस्थानों, होटल, मॉल, अस्पताल, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य श्रेणियों के लोगों को अब कचरा उठाने और उसे ठिकाने लगाने के लिए शुल्क देना पड़ सकता है। इस संबंध में भोपाल नगर निगम की विशेष परिषद बैठक 9 जून को होने जा रही है, जिसमें नए कचरा प्रबंधन नियमों पर चर्चा होगी। नगर निगम के प्रस्तावित नियमों के तहत यह तय किया जाएगा कि किन संस्थानों और प्रतिष्ठानों को शुल्क के दायरे में रखा जाएगा और किन्हें राहत दी जाएगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले सामने आ सकते हैं।
कचरा प्रबंधन के नए नियमों पर होगा मंथन
नगर निगम ने पहले ही बल्क वेस्ट जनरेटर यानी ज्यादा मात्रा में कचरा पैदा करने वाले प्रतिष्ठानों की अलग-अलग श्रेणियां तय की हैं। इसके साथ ही कचरा ट्रांसफर स्टेशनों पर शुल्क वसूली से जुड़े आदेश भी जारी किए गए थे। हालांकि इन नियमों को लेकर कई जगहों पर विरोध भी देखने को मिला था। इसी वजह से अब परिषद बैठक में सभी पहलुओं पर चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। नगर निगम का उद्देश्य शहर में कचरा प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है ताकि सफाई व्यवस्था में सुधार हो सके।
सिर्फ कचरा नहीं, पानी और सड़कों पर भी होगी चर्चा
9 जून को होने वाली इस विशेष बैठक में केवल कचरा प्रबंधन का मुद्दा ही नहीं उठेगा। शहर में हाल के दिनों में सामने आई पेयजल समस्या, सड़क मरम्मत, नालों की सफाई और अन्य विकास कार्यों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
बैठक से पहले पार्षदों ने किया कचरा केंद्रों का दौरा
बैठक से पहले करीब 30 पार्षदों ने शहर के विभिन्न कचरा प्रबंधन केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दानापानी रीसाइकिल हब, कचरा ट्रांसफर स्टेशन और थुआखेड़ा स्थित निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट संयंत्र सहित कई इकाइयों का दौरा किया। अधिकारियों ने पार्षदों को कचरे के संग्रहण से लेकर उसके वैज्ञानिक निस्तारण तक की पूरी प्रक्रिया समझाई। साथ ही गीले और सूखे कचरे को अलग करने, रीसाइक्लिंग और पुन: उपयोग से जुड़े कार्यों की भी जानकारी दी गई।












