भोपाल नगर निगम की नई बिल्डिंग में हादसा!लिफ्ट में आधे घंटे तक फंसी रही महिला, बाहर निकालने में छूटे पसीने!

भोपाल के लिंक रोड नंबर-2 स्थित नगर निगम के नए अटल भवन में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। नगर निगम की नई बिल्डिंग में एक महिला कर्मचारी लिफ्ट के अंदर फंस गईं और करीब 20 मिनट तक बाहर नहीं निकल सकीं। महिला को सुरक्षित निकालने के लिए कर्मचारियों और तकनीकी टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
घटना के बाद करोड़ों रुपए की लागत से बनी नई निगम बिल्डिंग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इतनी आधुनिक इमारत में लिफ्ट के लिए ऑटो रेस्क्यू और बैकअप सिस्टम जैसी जरूरी सुविधाएं होनी चाहिए थीं।
नई बिल्डिंग में पहली बड़ी घटना
गौरतलब है कि नगर निगम की इस नई बिल्डिंग का लोकार्पण हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया था। करीब 73 करोड़ रुपए की लागत से बने इस भवन को आधुनिक सुविधाओं से लैस बताया गया था। बुधवार शाम एक महिला कर्मचारी ग्राउंड फ्लोर से तीसरी मंजिल पर जाने के लिए लिफ्ट में सवार हुई थीं। जैसे ही लिफ्ट ऊपर जाने लगी, अचानक बिजली चली गई और लिफ्ट बीच रास्ते में रुक गई।
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लिफ्ट बंद होते ही महिला कर्मचारी अंदर फंस गईं। कुछ समय तक बाहर किसी को इसकी जानकारी नहीं थी, लेकिन जब लोगों को पता चला तो मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कर्मचारी को बचाने जुटे लोग
महिला के लिफ्ट में फंसने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में कर्मचारी और अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। सभी महिला को जल्द बाहर निकालने की कोशिश करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कई लोगों ने तकनीकी टीम के पहुंचने से पहले ही अपने स्तर पर लिफ्ट का दरवाजा खोलने की कोशिश शुरू कर दी। कुछ लोग चाबी और पेचकस जैसे उपकरणों की मदद से गेट खोलने का प्रयास कर रहे थे।
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तकनीकी टीम ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही तकनीकी टीम मौके पर पहुंच गई थी। टीम ने सबसे पहले लोगों को लिफ्ट से छेड़छाड़ करने से रोका और फिर लिफ्ट सिस्टम को रीसेट करने की प्रक्रिया शुरू की। तकनीकी जांच के बाद लिफ्ट को दोबारा संचालित किया गया। करीब 20 मिनट की कोशिशों के बाद महिला कर्मचारी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बाहर आने के बाद महिला काफी घबराई हुई नजर आईं।
आधे घंटे तक रही कैद
कुछ कर्मचारियों का दावा है कि महिला करीब आधे घंटे तक लिफ्ट के अंदर फंसी रही। इस दौरान उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों का कहना है कि अगर भवन में बेहतर आपातकालीन व्यवस्था होती तो महिला को इतनी देर तक इंतजार नहीं करना पड़ता।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि नई और आधुनिक बताई जा रही बिल्डिंग में लिफ्ट के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं थी।
लिफ्ट बंद होने पर छेड़छाड़ क्यों खतरनाक?
एक्सपर्ट के अनुसार आधुनिक लिफ्टों में कई सुरक्षा फीचर लगाए जाते हैं। बिजली जाने या तकनीकी खराबी आने पर लिफ्ट का सिस्टम स्वतः सुरक्षित मोड में चला जाता है। इसके बाद लिफ्ट को रीसेट कर नजदीकी फ्लोर तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू होती है। लेकिन यदि कोई व्यक्ति बाहर से पेचकस, चाबी या अन्य उपकरणों से दरवाजा खोलने की कोशिश करता है तो पूरा सिस्टम प्रभावित हो सकता है।
अधिकारियों की मौजूदगी पर भी सवाल
घटना के दौरान मौजूद कर्मचारियों का कहना है कि जब महिला लिफ्ट में फंसी हुई थीं, तब कोई वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर नहीं पहुंचा। इस बात को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी भी देखने को मिली। उनका कहना है कि नए मुख्यालय में ऐसी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्पष्ट और प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए।
बड़ा हादसा टला
फिलहाल राहत की बात यह रही कि महिला कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। लेकिन इस घटना ने नगर निगम के नए मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।











