Noida Airport:नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 15 जून से शुरू होंगी कमर्शियल फ्लाइट, यात्रियों को बड़ी राहत

नोएडा। यह एयरपोर्ट पहले फेज में 1.2 करोड़ यात्रियों को सेवा देगा। आगे इसका विस्तार कर क्षमता 7 करोड़ तक बढ़ाई जाएगी। एयरपोर्ट के शुरू होने से यात्रा, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह उत्तर भारत के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है।
28 मार्च को पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था उद्घाटन
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन 28 मार्च को नरेंद्र मोदी ने किया था, जिसके बाद से इसके संचालन की तैयारियां लगातार जारी थीं। जरूरी तकनीकी और सुरक्षा प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद अब एयरपोर्ट पूरी तरह ऑपरेशनल होने के लिए तैयार है। हाल ही में एयरोड्रोम सिक्योरिटी प्रोग्राम (ASP) को मंजूरी मिल गई है। जिससे कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत का रास्ता साफ हो गया है। यह मंजूरी किसी भी एयरपोर्ट के संचालन के लिए बेहद अहम मानी जाती है। इसके बाद अब 15 जून से नियमित फ्लाइट्स शुरू करने की घोषणा की गई है। इससे यह साफ हो गया है कि अब यह प्रोजेक्ट केवल कागजों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जमीन पर पूरी तरह सक्रिय होने जा रहा है।
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15 जून से शुरू होंगी नियमित कमर्शियल फ्लाइट
15 जून 2026 से इस एयरपोर्ट से नियमित उड़ानों का संचालन शुरू होगा, जो क्षेत्र के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होगा। अब तक दिल्ली और आसपास के लोग अन्य एयरपोर्ट्स पर निर्भर थे, लेकिन अब उन्हें एक नया विकल्प मिलेगा। इससे यात्रियों का समय और दूरी दोनों कम होंगे। खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और NCR के लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। यह शुरुआत केवल एक नई सेवा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। लंबे समय से जिस एयरपोर्ट का इंतजार था, अब वह हकीकत बन चुका है और यात्रियों के लिए नई सुविधाएं लेकर आ रहा है।
पहले फेज में 1.2 करोड़ यात्री कर सकेंगे
एयरपोर्ट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि पहले चरण में ही यह सालाना करीब 1.2 करोड़ यात्रियों को संभाल सके। यह क्षमता इसे देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स की श्रेणी में लाकर खड़ा करती है। भविष्य को ध्यान में रखते हुए इसका विस्तार भी प्लान किया गया है, जिसमें इसे 7 करोड़ यात्रियों की क्षमता तक बढ़ाया जाएगा। इससे यह एयरपोर्ट केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अहम भूमिका निभाएगा। बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए यह विस्तार जरूरी माना जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के जरिए आने वाले वर्षों में एयर ट्रैफिक का बड़ा हिस्सा यहां शिफ्ट हो सकता है।
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व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
इस एयरपोर्ट के शुरू होने से केवल यात्रा ही नहीं, बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी नई रफ्तार मिलेगी। आसपास के क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की संभावना है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। कई बड़ी एयरलाइंस यहां से अपनी सेवाएं शुरू करने की तैयारी में हैं, जिससे कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। यह एयरपोर्ट जेवर और आसपास के इलाकों के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। उद्योग, होटल और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में तेजी आने की उम्मीद है। कुल मिलाकर यह प्रोजेक्ट पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।
पर्यावरण के लिहाज से बेहद आधुनिक
यह एयरपोर्ट पर्यावरण के लिहाज से भी बेहद आधुनिक बनाया गया है, जिसे नेट जीरो उत्सर्जन के सिद्धांत पर विकसित किया गया है। इसे पीपीपी मॉडल पर तैयार किया गया है, जिसमें सरकार और निजी कंपनियों की साझेदारी है। इस मॉडल से प्रोजेक्ट की लागत और संचालन दोनों में संतुलन बनाया गया है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यहां आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। यह भविष्य के एयरपोर्ट्स के लिए एक उदाहरण भी बन सकता है। आधुनिक सुविधाओं और ग्रीन एनर्जी के उपयोग के साथ यह एयरपोर्ट विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।












