भोपाल:आयकर अफसरों को AI डिजिटल करेंसी और चाणक्य के अर्थशास्त्र की दी जा रही ट्रेनिंग, कई संस्थाओं से किया करार

राजीव सोनी, भोपाल। आयकर अफसरों को भारतीय ज्ञान परंपरा के वित्तीय फॉर्मूले भी बताए जा रहे हैं। इंडिक नॉलेज ऑफ सिस्टम के तहत वेद-पुराण, उपनिषद और शास्त्रों में मौजूद प्रशासन-प्रबंधन और टेक्सेशन को भी आज के संदर्भ में समझाया जा रहा है। इसमें कौटिल्य(चाणक्य) के अर्थशास्त्र की प्रमुख बातें भी अफसरों को बताई जा रही है। मौजूदा संदर्भ में चाणक्य के कई वित्तीय फॉर्मूले आज भी प्रासंगिक साबित हो रहे हैं।
ऐसे ढूंढ रहे ब्लैक मनी
आयकर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, टेक्नोलॉजी क्रांति के इस दौर में विभाग ने भी टैक्स चोरी रोकने के अलावा कालेधन को पकड़ने की अपनी तकनीक में जरूरी बदलाव कर लिए हैं। कारोबारी जगत में कच्चे-पक्के लेनदेन का हिसाब अब पहले जैसे खाते-बही में नहीं रहता। इसलिए नई तकनीक के जरिए कई तरह से एकाउंट्स संबंधी और इन्वेस्टीगेशन के टिप्स दिए जा रहे हैं। इसमें खासतौर पर डिजिटल लेनदेन, डिजिटल करेंसी और इंटरनेशनल टेक्सेशन के अलावा वर्चुअल डिजिटल असेट(वीडीए) आदि का ब्यौरा भी शामिल है।
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इन संस्थानों के विशषज्ञों की सेवाएं
आयकर एकेडमी ने अपने अफसरों और मिनिस्ट्रियल स्टाफ को ट्रेंड करने मेनिट, नरोन्हा प्रशासन एकेडमी, जीएसटी और सेंट्रल फारेंसिक साइंस लैबोरेटरी से भी ट्रेंनिंग संबंधी करार किया है। भोपाल के एनएलयूआई से पहले ही एमओयू हो चुका है।
विशेषज्ञों का आदान-प्रदान
एनएडीटी के भोपाल रीजनल कैंपस में इंस्पेक्टर्स, अधिकारियों और मिनिस्ट्रियल स्टाफ की ट्रेनिंग पर विशेष फोकस है। मध्यप्रदेश स्थित विभिन्न संस्थानों की फैकल्टी के व्याख्यान आयोजित किए जा रहे हैं। फैकल्टी - विशेषज्ञों के आदान-प्रदान प्रोग्राम के तहत आयकर के विशेषज्ञ भी इन संस्थानों में ट्रेनिंग देंगे।

अधिकारियों और स्टाफ को ट्रेनिंग दी जा रही
एनएडीटी भोपाल के एडिशनल डायरेक्टर जनरल राजकुमार घोष ने बताया कि अधिकारियों और स्टाफ के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है। जीएसटी सहित दूसरे संस्थानों से विशेषज्ञ यहां आ रहे हैं। हमारे अफसर अन्य संस्थानों में जाकर ट्रेनिंग दे रहे हैं।












