भोपाल :छात्रवृत्ति अटकी तो ठप होंगी अस्पताल की सांसें: 400 पैरामेडिकल छात्र हड़ताल पर, मरीजों की बढ़ेगी मुश्किलें

मालूम हो कि पैरामेडिकल छात्र किसी भी अस्पताल की रीढ़ माने जाते हैं। ये छात्र लैब टेस्ट, एक्स-रे, कैथ लैब, ओटी और अन्य जरूरी सेवाओं में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इनकी हड़ताल का सीधा असर अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों के इलाज पर पड़ेगा।
छात्रवृत्ति अटकी तो ठप होंगी अस्पताल की सांसें: 400 पैरामेडिकल छात्र हड़ताल पर, मरीजों की बढ़ेगी मुश्किलें
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पीपुल्स संवाददाता, भोपाल। गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में पैरामेडिकल छात्रों की छात्रवृत्ति स्वीकृति फॉर्म की समस्या अब गंभीर रूप ले चुकी है। सत्र 2023-24 और 2024-25 के छात्र लंबे समय से फॉर्म भरने की अनुमति नहीं मिलने से परेशान हैं। आर्थिक रूप से कमजोर कई छात्र फीस जमा नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई पर संकट मंडरा रहा है। समस्या का समाधान नहीं होने पर जीएमसी के करीब 400 पैरामेडिकल छात्र कल से हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। सोमवार को नाराज छात्रों ने जीएमसी के एडमिन ब्लॉक के पास विरोध प्रदर्शन भी किया। इन छात्रों का कहना है कि जल्द हीउनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो वे काम करना बंद कर देंगे। 

    मालूम हो कि पैरामेडिकल छात्र किसी भी अस्पताल की रीढ़ माने जाते हैं। ये छात्र लैब टेस्ट, एक्स-रे, कैथ लैब, ओटी और अन्य जरूरी सेवाओं में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इनकी हड़ताल का सीधा असर अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों के इलाज पर पड़ेगा।

    जांच से लेकर ऑपरेशन सब अटकेगा

    पैरामेडिकल छात्रों की हड़ताल का सबसे बड़ा असर अस्पताल की बुनियादी जांच और इलाज सेवाओं पर पड़ेगा। ब्लड टेस्ट, पैथोलॉजी और अन्य लैब जांच प्रभावित होंगी, जिससे मरीजों को रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। एक्स-रे और कैथ लैब की सेवाएं भी धीमी पड़ जाएंगी, वहीं आॅपरेशन थिएटर की कार्यप्रणाली पर भी असर दिखेगा। ऐसे में मरीजों के इलाज में देरी होगी और गंभीर मरीजों की स्थिति और बिगड़ सकती है।

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    छात्रों की मांग

    छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से छात्रवृत्ति स्वीकृति फॉर्म भरने की अनुमति की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे बिना छात्रवृत्ति के फीस जमा नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में उनकी पढ़ाई अधर में लटक गई है। छात्रों की मांग है कि उन्हें तत्काल फॉर्म भरने की अनुमति दी जाए, ताकि वे फीस जमा कर अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और हड़ताल की स्थिति से बचा जा सके।

    इनका कहना

    बच्चे आए थे, उनकी समस्या मेडिकल कॉलेज की नहीं। पैरामेडिकल काउंसिल के किसी नियम के चलते वो परेशान है। मैं विभाग से बात कर उपकी समस्या को दूर करने की कोशिश करेंगे। हम अब तक तीन बार लेटर भेज चुके हैं। 
    कविता एन सिंह, डीन जीएमसी

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

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