जब मंच पर बोले युवा, हिंदी की ताकत और पत्रकारिता पर हुई चर्चा, हिंदी दिवस पर PIMS के छात्रों ने दिखाया हुनर

भोपाल। हिंदी सिर्फ बोलने और लिखने की भाषा नहीं, बल्कि लोगों तक अपनी बात पहुंचाने और समाज से जुड़ने का भी मजबूत माध्यम है। इसी सोच को सामने रखते हुए पीपुल्स इंस्टिट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज में हिंदी दिवस के अवसर पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने मंच पर अपने विचारों और आत्मविश्वास से सभी का ध्यान खींचा।
हिंदी पत्रकारिता और लोकतंत्र रहा प्रतियोगिता का विषय
भाषण प्रतियोगिता का विषय 'हिंदी पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ और जनभाषा की शक्ति' रखा गया। इस विषय के जरिए विद्यार्थियों को हिंदी भाषा, पत्रकारिता और लोकतंत्र के बीच संबंध को समझने और अपने विचार सामने रखने का मौका मिला। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बताया कि हिंदी किस तरह आम लोगों तक सूचनाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। खासतौर पर पत्रकारिता में हिंदी की भूमिका पर विद्यार्थियों ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने यह भी बताया कि जनभाषा के जरिए समाज के अलग-अलग वर्गों तक जरूरी मुद्दों और सूचनाओं को आसानी से पहुंचाया जा सकता है।
मंच पर दिखा विद्यार्थियों का आत्मविश्वास
प्रतियोगिता सिर्फ भाषण देने तक सीमित नहीं रही। विद्यार्थियों के विषय की समझ, विचारों की स्पष्टता, भाषा की शुद्धता, अभिव्यक्ति, बोलने की शैली और आत्मविश्वास को भी मूल्यांकन का आधार बनाया गया। एक के बाद एक विद्यार्थियों ने मंच पर पहुंचकर अपने विचार रखे। किसी ने हिंदी की ताकत पर जोर दिया तो किसी ने पत्रकारिता को लोकतंत्र की आवाज बताया। विद्यार्थियों के भाषणों में हिंदी को जन-जन तक पहुंचाने और पत्रकारिता में इसके प्रभावी इस्तेमाल की झलक दिखाई दी।
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इन विद्यार्थियों ने हासिल किए स्थान
प्रतियोगिता के परिणाम भी विद्यार्थियों के लिए खास रहे। भूमिका लखेरा ने प्रथम स्थान, कुमकुम शर्मा ने द्वितीय स्थान और निधि भारती ने तृतीय स्थान हासिल किया। विजेता विद्यार्थियों को कार्यक्रम के अंत में संस्थान की प्राचार्या डॉ. तसनीम खान ने पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।
हिंदी के प्रति सम्मान बनाए रखने का संदेश
डॉ. तसनीम खान ने विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के प्रति सम्मान बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और पत्रकारिता जैसे क्षेत्रों में हिंदी का प्रभावी इस्तेमाल भाषा को और मजबूत बनाता है। कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे। हिंदी दिवस पर आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को मंच देना नहीं था, बल्कि उनके अंदर हिंदी के प्रति रुचि, विचार व्यक्त करने की क्षमता और भाषण कौशल को भी बढ़ावा देना था। कुल मिलाकर, कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने यह दिखाया कि जब सही मंच मिले तो युवा न सिर्फ अपनी बात बेबाकी से रख सकते हैं, बल्कि हिंदी भाषा की ताकत को भी प्रभावी तरीके से सामने ला सकते हैं।




















