सोहागपुर के राष्ट्रीय लोक अदालत में पारिवारिक वादों का निराकरण, समझाइश के बाद विवाद समाप्त खत्म

सोहागपुर। राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर सोहागपुर न्यायालय में पारिवारिक विवादों से जुड़े तीन प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। न्यायालय द्वारा पक्षकारों को परिवार के महत्व और आपसी सामंजस्य की समझाइश दी गई जिसके बाद संबंधित पक्षों ने विवाद समाप्त कर साथ रहने तथा शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत करने का संकल्प लिया
समझाइश के बाद पति-पत्नी ने विवाद समाप्त किया
ग्राम नयाखेड़ा तहसील सोहागपुर निवासी एक दंपती का घरेलू विवाद इस स्तर तक बढ़ गया था कि मामला न्यायालय तक पहुंच गया। पत्नी द्वारा पति पर उसे न्यायालय से बुलाए जाने की मांग की गई थी। प्रकरण में न्यायालय की ओर से अभिभाषक एवं परिवारजनों के माध्यम से पति-पत्नी को परिवार के महत्व को समझाया गया। समझाइश के बाद दोनों ने आपसी मतभेद दूर कर एक-दूसरे को माला पहनाई और सदैव एक साथ रहने का संकल्प लिया।
ये भी पढ़ें: पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी बोले-3 माह में भोपाल-इंदौर का मास्टर प्लान नहीं आया तो 50 हजार कांग्रेसजन करेंगे पदयात्रा
बच्चे के भविष्य को देखते हुए विवाद का हुआ निराकरण
दूसरे प्रकरण में ग्राम जमुनिया तहसील सोहागपुर निवासी दंपती के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा था। दोनों का एक छोटा बच्चा भी है। न्यायालय में हुई समझाइश के दौरान परिवार के महत्व और बच्चे के भविष्य को ध्यान में रखने की बात कही गई। अभिभावकों एवं अधिवक्ताओं के प्रयास से दोनों पक्षों के बीच विवाद समाप्त हुआ और पति-पत्नी ने सफल जीवन बिताने का संकल्प लेते हुए प्रकरण समाप्त कराया।
ये भी पढ़ें: जहां ट्रेन से आता था पानी, वहां अब लहलहा रही फसल, खेत तालाब योजना से बदली तस्वीर
व्यापारिक लेनदेन के पुराने संबंधों ने निभाई अहम भूमिका
तीसरे प्रकरण में पैसे के लेनदेन को लेकर दो परिचित पक्षों के बीच विवाद न्यायालय तक पहुंच गया था। सोहागपुर की फर्म शिवशक्ति ट्रेडर्स द्वारा नर्मदा ट्रेडर्स के विरुद्ध राशि वसूली का दावा प्रस्तुत किया गया था। न्यायालय की समझाइश तथा दोनों पक्षों के पुराने व्यापारिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए खंडपीठ सदस्य अभिभाषक मनमीत धुर्वे के सक्रिय प्रयास से संबंधित अभिभाषकों जे.पी. माहेश्वरी एवं संजय तिवारी द्वारा पहल की गई। इसके बाद प्रकरण का सरलतापूर्वक निराकरण किया गया। न्यायालयीन समझाइश, आपसी संवाद और सुलह के प्रयासों से तीनों प्रकरणों का निराकरण होना राष्ट्रीय लोक अदालत की सुलहकारी भावना का उदाहरण रहा।




















