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छोटी बातों से टूटा डॉक्टर दंपति का रिश्ता:बेटे के जन्म के बाद भी नहीं सुलझे विवाद, अब आपसी सहमति से लेंगे तलाक

भोपाल फैमिली कोर्ट में एक हाई प्रोफाइल मामला चर्चा का विषय बना हुआ है जहां डॉक्टर दंपति ने लंबे समय तक रिश्ते को बचाने की कोशिशों के बाद अब आपसी सहमति से तलाक लेने का फैसला किया है।
बेटे के जन्म के बाद भी नहीं सुलझे विवाद, अब आपसी सहमति से लेंगे तलाक
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पल्लवी वाघेला, भोपाल। फैमिली कोर्ट में एक हाई प्रोफाइल मामला चर्चा का विषय बना हुआ है जहां डॉक्टर दंपति ने लंबे समय तक रिश्ते को बचाने की कोशिशों के बाद अब आपसी सहमति से तलाक लेने का फैसला किया है। दो साल पहले दोनों ने काउंसलिंग और परिवार की समझाइश के बाद अपने रिश्ते को दूसरा मौका दिया था। उन्हें उम्मीद थी कि बच्चे के जन्म के बाद रिश्ते में फिर से नजदीकियां आएंगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब दोनों ने अलग होने का मन बना लिया है।

छोटी-छोटी बातों से बढ़ा विवाद

काउंसलर्स के मुताबिक आजकल छोटी-छोटी बातें भी रिश्तों में बड़ी दरार पैदा कर रही हैं। कई मामलों में ईगो और आपसी समझ की कमी रिश्तों को टूटने तक पहुंचा रही है। इस मामले में पत्नी की शिकायत थी कि पति उसके मायके से जुड़े मामलों में कभी समय नहीं देते थे। पत्नी का कहना था कि चाहे परिवार में कोई समारोह हो, बीमारी हो या किसी रिश्तेदार का निधन, उसे हमेशा अकेले ही जाना पड़ता था।

पिता की हार्ट सर्जरी में भी नहीं पहुंचे पति

जानकारी के मुताबिक पत्नी अपने पिता की हार्ट सर्जरी के दौरान भी अकेले मायके गई थी। पति ने गाड़ी और ड्राइवर की व्यवस्था तो कर दी लेकिन खुद अस्पताल नहीं पहुंचे। इसी बात को लेकर पत्नी के मन में नाराजगी बढ़ती चली गई। वहीं पत्नी का आरोप था कि पति अपने परिवार के कार्यक्रमों में उसे हमेशा साथ लेकर जाते थे और वहां पूरा समय देते थे।

ननद के कार्यक्रम से बढ़ा विवाद

करीब तीन साल पहले विवाद उस समय ज्यादा बढ़ गया जब पत्नी ने ननद के यहां एक पारिवारिक कार्यक्रम में जाने से मना कर दिया। इसके बाद दोनों के बीच जमकर झगड़ा हुआ और मामला कोर्ट तक पहुंच गया। पति ने तलाक की मांग करते हुए फैमिली कोर्ट में आवेदन दिया था।

रिश्ते को बचाने की हुई कोशिश

परिवार की समझाइश और कोर्ट की काउंसलिंग के बाद दोनों ने रिश्ते को एक और मौका देने का फैसला किया। दंपति को लगा कि बच्चा होने के बाद उनके रिश्ते बेहतर हो जाएंगे। कुछ समय बाद उनके बेटे का जन्म भी हुआ लेकिन इसके बावजूद रिश्ते में दूरियां कम नहीं हुई।

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अब बातचीत भी बंद

दंपति का कहना है कि अब हालात इतने खराब हो चुके हैं कि दोनों के बीच फोन पर बातचीत तक बंद हो गई है। यहां तक कि शादी की सालगिरह जैसे खास मौकों पर भी दोनों एक-दूसरे से बात नहीं करते।

पत्नी बोली- अब प्यार नहीं बचा

पहले पत्नी तलाक देने के खिलाफ थी लेकिन अब दोनों आपसी सहमति से अलग होने के लिए कोर्ट पहुंचे हैं। पत्नी ने कोर्ट में कहा कि दोनों के बीच अब प्यार नहीं बचा है और लगातार तनाव का असर आगे चलकर उनके बेटे पर भी पड़ सकता है।

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90 लाख रुपए एलुमनी देने को तैयार पति

मामले में पति मकान और नकद मिलाकर करीब 90 लाख रुपए की एलुमनी देने के लिए तैयार है। फैमिली कोर्ट में इस मामले पर जल्द फैसला आने की संभावना जताई जा रही है।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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