भोपाल:प्यार की कहानी में ‘मुर्गा’ बना विलेन, चिकन खाने पर शुरू हुआ विवाद; 20 साल बाद फिर साथ आए पति-पत्नी

पल्लवी वाघेला, भोपाल। शहर में सामने आया एक अनोखा पारिवारिक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रेम विवाह करने वाले एक दंपति के रिश्ते में ऐसा विवाद पैदा हुआ कि दोनों करीब 20 साल तक अलग-अलग रहे। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे विवाद की वजह चिकन खाना बना। हालांकि दो दशक बाद बेटी के भविष्य और बढ़ती उम्र का हवाला देकर दोनों ने रिश्ते को एक और मौका दिया और आखिरकार सभी विवाद खत्म कर साथ रहने का फैसला कर लिया।
लव मैरिज के बाद खुशहाल चल रही थी जिंदगी
दंपति की शादी को 23 साल हो चुके हैं और उनकी 21 वर्षीय बेटी भी है। पति ब्राह्मण परिवार से हैं और शासकीय सेवा में कार्यरत हैं जबकि पत्नी अग्रवाल परिवार से हैं और एमबीए करने के बाद निजी क्षेत्र में नौकरी कर रही हैं। दोनों एक ही मोहल्ले में रहते थे और प्रेम विवाह के बाद वैवाहिक जीवन की शुरुआत की थी।
शादी से पहले हुआ था नॉनवेज छोड़ने का वादा
मीडिएशन सेंटर में हुई काउंसलिंग के दौरान पति ने बताया कि दोनों परिवार पूरी तरह शाकाहारी हैं। उन्हें पहले से पता था कि उनकी प्रेमिका कभी-कभी नॉनवेज खाती है। शादी से पहले इस विषय पर चर्चा भी हुई थी जिसमें पत्नी ने नॉनवेज छोड़ने की बात कही थी।
चिकन खाते देख भड़का विवाद
पति के मुताबिक बेटी के जन्म के कुछ समय बाद उन्होंने पत्नी को घर में छिपकर चिकन खाते हुए देख लिया। पत्नी की एक सहेली उनके लिए चुपचाप नॉनवेज लेकर आई थी। जब पति ने इस बारे में सवाल किया तो मामला बहस तक पहुंच गया। पति का कहना है कि पत्नी ने उस दौरान कहा कि शादी उन्हें बंधन जैसी लगने लगी है और उन्होंने शादी को गलती तक बता दिया। इसके बाद दोनों के रिश्तों में खटास बढ़ती चली गई।
मायके गई पत्नी, फिर शुरू हुआ कानूनी विवाद
विवाद बढ़ने के बाद पत्नी मायके चली गईं। पति के अनुसार कई वर्षों तक समझाने के बावजूद जब पत्नी वापस नहीं लौटीं तो उन्होंने तलाक की बात कही। इसके जवाब में पत्नी ने ससुराल पक्ष के खिलाफ प्रताड़ना का मामला दर्ज करा दिया। यहीं से मामला अदालत और कानूनी लड़ाई तक पहुंच गया। दोनों के बीच संवाद लगभग खत्म हो गया और रिश्ते में दूरियां बढ़ती चली गईं।
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पत्नी ने बताया उस समय का दर्द
काउंसलिंग के दौरान पत्नी ने कहा कि बेटी के जन्म के बाद वह मानसिक तनाव और भावनात्मक दबाव से गुजर रही थीं। उन्हें नॉनवेज खाने की इच्छा हुई इसलिए सहेली से मंगवाकर खाया था। उन्होंने कहा कि अगर उस समय पति शांतिपूर्वक बात करते तो शायद विवाद इतना नहीं बढ़ता। अब पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें भी लगता है कि उस दौर में कई फैसले जल्दबाजी में लिए गए।
बेटी का भविष्य बना सुलह की वजह
मामला भोपाल के मीडिएशन सेंटर पहुंचा, जहां दोनों की काउंसलिंग की गई। काउंसलर्स ने दंपति को समझाया कि बीते वर्षों के विवादों को पीछे छोड़कर बेटी के भविष्य और अपने आने वाले जीवन के बारे में सोचें। उन्हें कुछ समय साथ बिताने की सलाह दी गई ताकि वे बिना किसी दबाव के अपने रिश्ते पर दोबारा विचार कर सकें।
15 दिन साथ रहे, फिर खत्म कर दिए सभी केस
काउंसलिंग के बाद पति-पत्नी करीब 15 दिनों तक साथ रहे। इस दौरान दोनों ने पुराने मतभेद भुलाकर रिश्ते को एक और मौका देने का फैसला किया। आखिरकार दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ चल रहे सभी कानूनी मामले वापस लेने पर सहमति जताई और करीब 20 साल बाद फिर से साथ रहने का निर्णय लिया।
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रिश्तों में संवाद की अहमियत
यह मामला इस बात की मिसाल बन गया कि कई बार छोटी-सी गलतफहमी या संवाद की कमी रिश्तों में बड़ी दूरी पैदा कर सकती है। वहीं समय रहते बातचीत और समझदारी से कई वर्षों पुराने विवाद भी सुलझाए जा सकते हैं।












