भोपाल कमिश्नरेट की बड़ी कार्रवाई!करोड़ों की कार ठगी का भंडाफोड़, 20 कारें जब्त, शैलेश जोशी समेत 6 आरोपी गिरफ्तार
भोपाल पुलिस ने करोड़ों की लग्जरी कारों की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। अरेरा हिल्स थाना पुलिस की कार्रवाई में अब तक 20 कारें बरामद की गई हैं, जिनकी कीमत करीब 5 करोड़ रुपए बताई जा रही है। मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य आरोपी विश्वजीत सिंह गौर समेत कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
शिकायत से खुला पूरे नेटवर्क का राज
इस पूरे मामले की शुरुआत विदिशा निवासी गौरव कुशवाह की शिकायत से हुई। गौरव ने अपनी कार बेचने के लिए भोपाल निवासी शैलेश जोशी को दी थी। आरोप है कि शैलेश ने कार बेच दी, लेकिन उसकी रकम गौरव को नहीं दी। इसके बाद पीड़ित ने अरेरा हिल्स थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और जल्द ही एक बड़े वाहन ठगी गिरोह का खुलासा हो गया।
किराए पर गाड़ियां लेकर बेच देता था गिरोह
जांच में सामने आया कि शैलेश जोशी अपने साथियों और कुछ ट्रैवल एजेंसियों के संचालकों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह चला रहा था। यह गिरोह लोगों से गाड़ियां किराए पर लेने या किराए पर चलाने का भरोसा देकर वाहन अपने कब्जे में ले लेता था।
इसके बाद आरोपी उन गाड़ियों को अपना वाहन बताकर दूसरे लोगों को बेच देते थे। कई मामलों में फर्जी अनुबंध तैयार किए जाते थे, जबकि कुछ वाहन बिना किसी वैध दस्तावेज के ही बेच दिए जाते थे।

कई राज्यों तक फैला था नेटवर्क
पुलिस जांच में पता चला है कि गिरोह का नेटवर्क केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं था। आरोपी राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड जैसे राज्यों में भी वाहन बेच रहे थे। वाहनों को खासतौर पर दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में बेचा जाता था, ताकि उनके बारे में आसानी से जानकारी न मिल सके। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह ने अब तक 15 से 20 और महंगी गाड़ियों की बिक्री की है, जिनकी तलाश की जा रही है।
6 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी शैलेश जोशी सहित 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में वहीद अली, जयेन्द्र जोशी उर्फ किट्टू, अरुण नाथ, राजा मीणा और रोहन खान शामिल हैं। वहीं, आरोपी विश्वजीत सिंह गौर और उसके अन्य साथी अभी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

पूछताछ में हुए कई बड़े खुलासे
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि वे लंबे समय से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। आरोपी किराए पर ली गई गाड़ियों को दूसरे राज्यों में बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे। पुलिस को अलग-अलग स्थानों से 20 कारें बरामद हुई हैं। बरामद वाहनों की कीमत करोड़ों रुपये में है। जांच एजेंसियां अब उन लोगों की भी जानकारी जुटा रही हैं, जिन्होंने ये गाड़ियां खरीदी थीं।
पुलिस की कार्रवाई जारी
भोपाल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है और अन्य राज्यों में भी पुलिस टीमों को भेजा गया है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर वाहन ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं। पुलिस ने वाहन मालिकों से भी अपील की है कि वे अपनी गाड़ियां किराए पर देने या किसी के माध्यम से बेचने से पहले सभी दस्तावेजों और संबंधित व्यक्ति की पूरी जानकारी की जांच अवश्य करें।












