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भोपाल :अखिल भारतीय कलामंदिर संस्था की काव्य गोष्ठी का भव्य समापन, कई साहित्यकार विशेष योगदान के लिए सम्मानित हुए

इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार देवीसरन, घनश्याम सक्सेना, सुधा दुबे एवं अभिषेक जैन ‘अबोध’ को उनके साहित्यिक अवदान और संस्था को दिए गए विशेष सहयोग के लिए शाल, माला, श्रीफल, पुस्तक एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
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अखिल भारतीय कलामंदिर संस्था की काव्य गोष्ठी का भव्य समापन, कई साहित्यकार विशेष योगदान के लिए सम्मानित हुए
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल के विश्व संवाद केंद्र, शिवाजी नगर में 21 फरवरी 2026 को अखिल भारतीय कलामन्दिर संस्था द्वारा वसन्त काव्य-गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का भव्य समापन किया गया। दोपहर 3 बजे से प्रारंभ हुए इस कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकारों, सामाजिक पुरोधाओं और रचनाकारों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. गौरीशंकर शर्मा ‘गौरीश’ ने की। स्वागत उद्बोधन में उन्होंने वरिष्ठ साहित्यकारों के सम्मान के महत्व और कलामन्दिर संस्था की साहित्यिक गतिविधियों व प्रगति पर प्रकाश डाला।

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    चीफ गेस्ट ने की आयोजन की तारीफ

    मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार राजीव अग्निहोत्री ने अपने संबोधन में भोपाल की समृद्ध और प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित किया। साथ ही कलामन्दिर के इस साहित्यिक आयोजन की सराहना करते हुए साहित्यकार पार्क की परिकल्पना एवं उसके लिए किए जा रहे प्रयासों हेतु डॉ. गौरीश की प्रशंसा की।

    विशिष्ट अतिथि डॉ. साधना बलवटे ने वसन्त ऋतु के विविध प्राकृतिक रंगों और सौंदर्य को अपने उद्बोधन में प्रस्तुत किया। उन्होंने एक छान्दसिक गीत की सशक्त प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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    कई साहित्यकार हुए सम्मानित

    इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार देवीसरन, घनश्याम सक्सेना, सुधा दुबे एवं अभिषेक जैन ‘अबोध’ को उनके साहित्यिक अवदान और संस्था को दिए गए विशेष सहयोग के लिए शाल, माला, श्रीफल, पुस्तक एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं इसके बाद वसन्त विषयक काव्य-गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें आमंत्रित रचनाकारों ने अपनी उत्कृष्ट कविताओं और गीतों का पाठ किया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. सुनीता शर्मा ‘सिद्धि’ द्वारा सस्वर सरस्वती वंदना एवं वसन्त पर आधारित गीत से हुआ।

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    कवियों ने रचनाओं के जरिए बताया जीवन का सौंदर्य

    अरविंद प्रियदर्शी, प्रदीप मणि तिवारी ‘ध्रुव भोपाली’, डॉ. कमल किशोर दुबे, कवियत्री सरोज आर्य, डॉ. शिव कुमार दीवान, राम मोहन चौकसे, कमल सिंह ‘कमल’, लक्ष्मीकांत जवड़े ‘अलख’, विपिन बिहारी बाजपेयी सहित अन्य कवियों ने वसन्त के रंग, प्रकृति और जीवन के सौंदर्य को अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया। पूरे आयोजन में साहित्यिक सौहार्द, सृजनात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना की झलक देखने को मिली। वसन्त काव्य-गोष्ठी साहित्य प्रेमियों के लिए एक स्मरणीय और प्रेरक अनुभव बनकर संपन्न हुई।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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