PlayBreaking News

भोजशाला विवाद मामला :ब्रह्मा मूर्ति और शिल्प शैली से मंदिर होने के मिलते हैं संकेत

धार स्थित भोजशाला मामले से जुड़ी एक अन्य याचिका पर शुक्रवार को मप्र हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। लखनऊ के कुलदीप तिवारी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट ने हाईकोर्ट की डबल बेंच के समक्ष भोजशाला में मंदिर से जुड़े तथ्य और तर्क रखे।
Follow on Google News
ब्रह्मा मूर्ति और शिल्प शैली से मंदिर होने के मिलते हैं संकेत
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर। भोजशाला विवाद से जुड़ी अन्य याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। याचिककर्ता लखनऊ निवासी कुलदीप तिवारी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट ने हाईकोर्ट की डबल बेंच के समक्ष भोजशाला में मंदिर से जुड़े तथ्य और तर्क रखे। एडवोकेट मनीष गुप्ता ने न्यायालय को बताया कि एएसआई की खुदाई में मिली ब्रह्मा जी की एक दुर्लभ मूर्ति समरांग सूत्रधार में वर्णित युवा अवस्था वाले ब्रह्मा के स्वरूप से पूरी तरह मेल खाती है। साथ ही हिंगलाजगढ़, मंदसौर और रायसेन से मिली मूर्तियां भी उसी शिल्प परंपरा की पुष्टि करती हैं। 

    महाकालेश्वर मंदिर भी इसी निर्माण कला जैसा  

    उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर भी इसी निर्माण कला से मेल खाता है। उपरोक्त सभी प्रमाण यह सिद्ध करते हैं कि यह स्थल सरस्वती मंदिर था, जहां प्राचीन काल में विद्या, कला और शास्त्रों का अध्ययन होता था। अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी। एडवोकेट मनीष गुप्ता ने तर्क रखते हुए कहा कि भोजशाला परिसर की संरचना इसके आयाम, खंभों की बनावट, मूर्तियों की शैली सभी समरांग सूत्रधार में वर्णित सिद्धांतों से मेल खाती हैं। इससे स्पष्ट है कि यह स्थल मंदिर ही था। उन्होंने कहा कि राजा भोज द्वारा लिखी गई पुस्तक समरांग सूत्रधार, जिसे राजा भोज ने नगर नियोजन एवं मंदिर वास्तुकला पर लिखा है। उसमें मंदिरों की संरचना, खंभों, मूर्तियों और शिल्पकला के विस्तृत वर्णन मिलते हैं।

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts