NH719 पर भीषण हादसा; नेपाल से पुणे जा रही बस गैस सिलेंडरों से भरे कैंटर और डंपर से टकाराई, नेपाली महिला की मौत, 15 घायल

भिंड/ गोहद। ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग-719 पर शुक्रवार सुबह करीब 7:15 बजे हुए भीषण सड़क हादसे में नेपाल से महाराष्ट्र जा रही एक स्लीपर बस, गैस सिलेंडरों से भरे कैंटर और डंपर की भिड़ंत हो गई। हादसे में नेपाल निवासी एक महिला की मौके पर मौत हो गई, जबकि 15 यात्री घायल हो गए। इनमें आठ घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया, जबकि सात का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोहद में जारी है। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा।

हादसा टालने की कोशिश में खाई में पलटा डंपर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर होते देख डंपर चालक ने वाहन को बचाने के लिए सड़क से नीचे उतार दिया, लेकिन संतुलन बिगड़ने से डंपर सड़क किनारे खाई में पलट गया। हादसे के बाद बस में चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
नेपाल निवासी महिला की मौत
दुर्घटना में कोमाढोगाना पत्नी धर्मराज ढोगाना, निवासी अछाम (नेपाल) की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।
आठ घायलों को ग्वालियर रेफर
गंभीर रूप से घायल बृजेश कुमार (38) निवासी मुरार ग्वालियर, खुशीराम चौधरी (45) निवासी मशुरिया झंझारपुरा नेपाल, कंचन चौधरी (33) निवासी कैलाली नेपाल, देवराज चौधरी (13) निवासी कैलाली नेपाल, रामचंद्र निषाद (50) निवासी लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश, विजय श्रीवास्तव (48) निवासी कंपू ग्वालियर, सरस्वती (27) निवासी कैलाली नेपाल तथा रमेश सिंह ऐटा (27) निवासी डेडल्धुरा नेपाल को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया।

सात घायलों का गोहद अस्पताल में इलाज
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोहद में मातावीका (50), भगत सिंह परिहार (30), अजय सिंह गुर्जर (48), सर्वजीत सिंह (63), निर्मला (20), गौरा भण्डारी (50) तथा मान सिंह (48) का उपचार जारी है। सभी घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
नेपाल से महाराष्ट्र जा रहे थे श्रमिक
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस में बड़ी संख्या में नेपाल निवासी श्रमिक सवार थे, जो मुंबई और पुणे में रोजगार के लिए जा रहे थे। हादसे के समय बस में क्षमता से अधिक यात्री होने की भी बात सामने आ रही है।

ओवरलोड बसों पर कार्रवाई नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी इस मार्ग पर कई बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन परिवहन विभाग और पुलिस द्वारा ओवरलोड बसों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने मांग की है कि क्षमता से अधिक सवारियां भरने और तेज गति से वाहन चलाने वालों के खिलाफ नियमित अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।












