भिंड। मध्यप्रदेश के भिंड जिले के मेहगांव ब्लॉक में शिक्षा अधिकारी (BEO) राजवीर शर्मा से भाजपा मंडल अध्यक्ष नीरज शर्मा द्वारा थप्पड़ मारने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने शनिवार रात एफआईआर दर्ज कर ली। मामला तब तूल पकड़ गया जब कांग्रेस ने रविवार को थाने का घेराव करने की चेतावनी दी थी। इससे पहले ही पुलिस ने देर रात भाजपा नेता पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया।
बीईओ राजवीर शर्मा के अनुसार, यह घटना 10 जुलाई को सीएम राइज स्कूल में आयोजित गुरुपूर्णिमा कार्यक्रम के दौरान हुई थी। कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता नीरज शर्मा पहुंचे और टेरर टैक्स के नाम पर 20 हजार रुपए की मांग की। जब शर्मा ने यह रकम देने से इनकार किया तो भाजपा नेता ने कहा कि स्कूलों की भोजन योजना अपनी मर्जी से चलाऊंगा, तुम्हें पद से हटवा दूंगा। इसके बाद गाली-गलौज करते हुए थप्पड़ मार दिया और जान से मारने की धमकी भी दी।
बीईओ ने बताया कि पूरी घटना स्कूल के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी, लेकिन बाद में राजनीतिक दबाव के चलते स्कूल प्राचार्य ने फुटेज डिलीट करवा दिए। 11 जुलाई को जब छात्र और स्टाफ उन्हें पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीर भेंट कर रहे थे, उस समय शर्मा भावुक हो गए और रो पड़े। छात्रों के सामने उन्होंने कहा किअगर मेरा बेटा होता तो बदला लेता। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
राजवीर शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा नेता कई महीनों से दबाव बना रहे थे कि वे नियम विरुद्ध कार्य करें। वे हर महीने 20 हजार रुपए की मांग कर रहे थे और बिना तारीख के प्रस्तावों पर हस्ताक्षर की बात भी कर चुके थे। विरोध करने पर मंच पर अपमानित किया गया और थप्पड़ मारा गया।
घटना के बाद कांग्रेस के पूर्व मंत्री चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी बीईओ के समर्थन में सामने आए। उन्होंने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की और रविवार को थाने का घेराव करने की घोषणा की। इसके बाद स्थानीय भाजपा नेता नीरज शर्मा के समर्थन में भी कुछ लोग सामने आए।
राजनीतिक दबाव और आंदोलन की आशंका के बीच पुलिस ने शनिवार रात 10 बजे एफआईआर दर्ज कर ली। भाजपा नेता पर शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, धमकी और अन्य गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पूर्व मंत्री चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी ने एक वीडियो जारी कर पुलिस प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह न्याय और अन्याय की लड़ाई थी। पुलिस ने बिना किसी राजनीतिक दबाव के निष्पक्ष कार्रवाई की। हम प्रशासन पर भरोसा रखते हैं।