कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सियासी पारा चढ़ चुका है। ममता बनर्जी की 15 साल पुरानी सरकार को चुनौती देने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना 'संकल्प पत्र' तैयार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी 5 अप्रैल को अपना मेनिफेस्टो जारी करेगी जिसमें राज्य के हर वर्ग को साधने के लिए बड़े आर्थिक वादे किए गए हैं। इस मेनिफेस्टो का सबसे मुख्य केंद्र बिंदु महिलाएं, बेरोजगार युवा और सरकारी कर्मचारी हैं। बीजेपी ने साफ कर दिया है कि वह इस बार बदलाव के नारे के साथ जमीन पर उतरेगी।
बीजेपी ने अपने मेनिफेस्टो में 'लक्ष्मी भंडार' जैसी मौजूदा योजनाओं से कहीं बड़ा वादा किया है। पार्टी ने वादा किया है कि सत्ता में आने पर महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। बेरोजगार युवाओं के लिए 'युवा साथी' योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत उन्हें भी हर महीने 3,000 रुपये का भत्ता मिलेगा। पार्टी का मानना है कि इस सीधे कैश ट्रांसफर से मध्यम और गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आएगा।
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पश्चिम बंगाल में सरकारी कर्मचारी लंबे समय से बकाया महंगाई भत्ते (DA) की मांग कर रहे हैं। बीजेपी ने इसे अपने मुख्य एजेंडे में शामिल किया है। मेनिफेस्टो के अनुसार सरकार बनने के महज 45 दिनों के भीतर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का सारा पिछला बकाया DA चुका दिया जाएगा। यह घोषणा राज्य के लाखों सरकारी कर्मियों के लिए बड़ी राहत की खबर है।
केवल भत्ते ही नहीं, बीजेपी ने राज्य में स्थायी रोजगार और औद्योगिक विकास पर भी जोर दिया है। राज्य के सभी खाली पड़े सरकारी पदों को पारदर्शी तरीके से भरा जाएगा। वहीं सिंगूर में 1000 एकड़ जमीन पर किसानों की सहमति से नया औद्योगिक पार्क बनाया जाएगा। इसके अलावा चार अन्य बड़े इंडस्ट्रियल पार्क बनाने की भी योजना है और बर्नपुर और दुर्गापुर के स्टील प्लांट को फिर से शुरू करने और जूट-चाय उद्योग को मजबूत करने का वादा किया गया है।
बीजेपी ने बंगाल में केंद्र की आयुष्मान भारत योजना को तुरंत लागू करने की बात कही है, जिससे गरीबों को 5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा। शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर बंगाल में IIT और IIM जैसे बड़े संस्थान खोलने और सरकारी स्कूलों के स्तर को सुधारने का लक्ष्य रखा गया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और सख्त कानून व्यवस्था लागू करने के साथ-साथ सीमाई इलाकों में अवैध घुसपैठ को पूरी तरह रोकने का संकल्प लिया गया है।