पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक सरगर्मी तेज होती जा रही है। इसी बीच All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली इस पार्टी ने 12 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं, जो राज्य के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव मैदान में उतरेंगे। इस घोषणा के साथ ही साफ हो गया है कि AIMIM इस बार बंगाल की राजनीति में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने के इरादे से उतरी है। खास बात यह है कि पार्टी इस चुनाव में गठबंधन के साथ उतर रही है, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय से बहुकोणीय होने की संभावना बढ़ गई है।
AIMIM की पहली सूची में कुल 12 उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। पार्टी ने मोथाबाड़ी से एडवोकेट मोहम्मद मुस्तहिद हक, सुजापुर से रेजाउल करीम और कांडी से मिस्बाहुल इस्लाम खान को उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा रघुनाथगंज से इमरान सोलंकी, आसनसोल से दानिश अजीज, मुरारई से तासीर शेख और नलहाटी से हाजी अंसार शेख साहब को मैदान में उतारा गया है। बारासात से मोनैम सरदार और करणदिघी से महबूब आलम को भी पार्टी ने टिकट दिया है। वहीं बशीरहाट से शबाना परवीन और हावड़ा से असिक राज मंडल को उम्मीदवार बनाया गया है।
इस बार असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी अकेले चुनाव नहीं लड़ रही, बल्कि हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ गठबंधन कर मैदान में उतरी है। यह गठबंधन पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया समीकरण बना सकता है। दोनों दलों ने मिलकर बड़ी संख्या में सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, जिससे मुकाबला और ज्यादा रोचक हो गया है।
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गठबंधन के तहत AIMIM और सहयोगी दलों ने राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से 182 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बनाई है। यह संख्या इस बात का संकेत देती है कि पार्टी इस बार बंगाल में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की रणनीति के साथ उतरी है। पहले से ही सहयोगी दल कई सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर चुके हैं, जिससे चुनावी माहौल और गरमा गया है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति अब सिर्फ दो दलों तक सीमित नहीं रह गई है। जहां एक ओर तृणमूल कांग्रेस सत्ता बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत लगा रही है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी जीत के लिए जोरदार कोशिश कर रही है। ऐसे में AIMIM और उसके गठबंधन की एंट्री से मुकाबला बहुकोणीय हो सकता है, जिससे चुनाव के नतीजों पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा, जबकि दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को संपन्न होगी। चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी रहेंगी।