सुल्तानगंज के गोरखी में शराब दुकान के विरोध में सड़कों पर उतरे ग्रामीण, एक घंटा चक्काजाम
बेगमगंज। सुल्तानगंज क्षेत्र के गोरखी गांव में लंबे समय से संचालित शराब दुकान के विरोध में शनिवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। सैकड़ों महिलाओं और ग्रामीणों ने गोरखी-सुनवाहा-केसली-सागर मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश और शराब दुकान को गांव से हटाने की मांग जिला प्रशासन तक पहुंचाने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित किया।
शराब दुकान हटाने की मांग पर चक्काजाम
शनिवार सुबह से ही गोरखी सहित आसपास के ग्रामीण शराब दुकान के विरोध में सड़क पर उतर आए। महिलाओं और ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर मार्ग को जाम कर दिया और शराब के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान ‘गोरखी जाग गया है, शराब दुकान बंद करो’ और ‘शराब नहीं, शिक्षा चाहिए’ जैसे नारे लगाए गए। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में लंबे समय से शराब की दुकान संचालित होने के कारण युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। इससे परिवारों का माहौल प्रभावित हो रहा है और बच्चों का भविष्य भी दांव पर लग रहा है।
महिलाओं ने जताया आक्रोश
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। महिलाओं का कहना था कि शराब के कारण कई परिवार बर्बाद हो चुके हैं। गोरखी में शराब दुकान खुलने के बाद गांव का माहौल प्रभावित हुआ है। मजबूरी में उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध करना पड़ा। ग्रामीणों ने ‘गली-गली में शोर है, गांव-गांव शराब का जोर है’ और ‘गांव की शराब दुकान बंद हो’ जैसे नारे लगाकर अपना विरोध जताया। उन्होंने शासन-प्रशासन से उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए गांव से शराब दुकान हटाने की मांग की।
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अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
चक्काजाम की सूचना मिलने पर बेगमगंज एसडीओपी सोनाली गुप्ता, सुल्तानगंज तहसीलदार देवेंद्र शुक्ला एवं विक्रम सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलन कर रहे ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी मांग सुनी और उन्हें समझाइश दी। एसडीओपी सोनाली गुप्ता ने बताया कि गोरखी में शराब की लाइसेंसी दुकान पिछले कई वर्षों से संचालित है। ग्रामवासियों ने शराब दुकान को गांव से हटाने की मांग रखी है। ग्रामीणों की मांग जिला प्रशासन तक पहुंचा दी गई है। प्रशासन की ओर से मांग पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।
ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव और आसपास के क्षेत्रों में अवैध शराब के साथ गांजा भी खुलेआम बिक रहा है। उनका आरोप है कि आबकारी और पुलिस विभाग की शराब माफिया से सांठगांठ के कारण नशे का कारोबार बढ़ रहा है।
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