ब्रिटिश संसद में BBC के दफ्तरों पर IT सर्वे को लेकर उठे सवाल, विदेश सचिव ने दिया जवाब

ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (BBC) के भारतीय दफ्तरों पर आयकर विभाग की कार्रवाई को लेकर ब्रिटिश संसद में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (FCDO) के संसदीय सचिव, टोरी एमपी डेविड रटले ने भारत में छापों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर विपक्षी दलों के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्यों के साथ अपने सवाल उठाए। इस दौरान वह संसद में 20 मिनट तक बीबीसी का बचाव करते दिखे। उन्होंने कहा कि मैं भारत के आयकर विभाग द्वारा लगाए गए आरोपों पर टिप्पणी नहीं कर सकता।
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संसद में जवाब देते डेविड रटले।[/caption]
डेविड रटले ने कहा कि हम बीबीसी के लिए खड़े हैं, हम बीबीसी को फंड देते हैं, हमें लगता है कि बीबीसी वर्ल्ड सर्विस बेहद महत्वपूर्ण है। यूके सरकार चाहती थी कि बीबीसी को संपादकीय स्वतंत्रता मिले, यह देखते हुए कि बीबीसी ने कंजर्वेटिव पार्टी और लेबर पार्टी की आलोचना की थी। बता दें कि 14 फरवरी को बीबीसी के दिल्ली और मुंबई दफ्तरों पर आयकर विभाग ने सर्वे शुरू किया था, जो तीन दिन तक चला था।
संसद में जवाब देते डेविड रटले।[/caption]
डेविड रटले ने कहा कि हम बीबीसी के लिए खड़े हैं, हम बीबीसी को फंड देते हैं, हमें लगता है कि बीबीसी वर्ल्ड सर्विस बेहद महत्वपूर्ण है। यूके सरकार चाहती थी कि बीबीसी को संपादकीय स्वतंत्रता मिले, यह देखते हुए कि बीबीसी ने कंजर्वेटिव पार्टी और लेबर पार्टी की आलोचना की थी। बता दें कि 14 फरवरी को बीबीसी के दिल्ली और मुंबई दफ्तरों पर आयकर विभाग ने सर्वे शुरू किया था, जो तीन दिन तक चला था।











