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शहबाज शरीफ सरकार को फजलुर रहमान ने बताया 'फर्जी', पाकिस्तान में सेना के बढ़ते दखल पर उठाए सवाल

पाकिस्तान में मौलाना फजलुर रहमान ने शहबाज शरीफ सरकार को 'फर्जी सरकार' बताया और सेना के बढ़ते प्रभाव पर सवाल उठाए। खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर शासन को लेकर मरियम नवाज ने भी पलटवार किया।
शहबाज शरीफ सरकार को फजलुर रहमान ने बताया 'फर्जी', पाकिस्तान में सेना के बढ़ते दखल पर उठाए सवाल

पाकिस्तान में सेना के बढ़ते प्रभाव और सरकार के जनादेश को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। विपक्षी नेता मौलाना फजलुर रहमान ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार को 'फर्जी सरकार' बताते हुए उसके चुनावी जनादेश पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर शासन लागू करने के फैसले की भी आलोचना की। वहीं, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने उनके बयानों पर पलटवार किया है।

सेना और सरकार के अधिकारों पर उठाए सवाल

पंजाब के मुल्तान जिले में शुक्रवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए फजलुर रहमान ने कहा कि सेना, नौकरशाही और चुनी हुई संस्थाओं को अपने संवैधानिक दायरे में रहकर काम करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में संसद और जनता से जुड़ी राजनीति को कमजोर किया जा रहा है। फजलुर रहमान पाकिस्तान की जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (JUI-F) पार्टी के प्रमुख हैं। वह देश की राजनीति में विपक्ष के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं और सरकार के फैसलों की आलोचना करते रहे हैं।

शहबाज शरीफ सरकार को बताया 'फर्जी'

फजलुर रहमान ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार के चुनावी जनादेश पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को जनता का समर्थन हासिल नहीं है। इसी आधार पर उन्होंने इसे 'फर्जी सरकार' बताया और सत्ता में बैठे लोगों को 'ताकतहीन शासक' कहा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने संसद के जरिए अपनी बात रखने का रास्ता चुना है। उन्होंने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की भूमिका पर भी सवाल उठाए और पूछा कि देश में संसदीय राजनीति और लोकतंत्र को कमजोर करने के पीछे कौन है।

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खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर शासन का विरोध

यह विवाद खैबर पख्तूनख्वा में इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की प्रांतीय सरकार हटाए जाने के बाद बढ़ा है। 11 अक्टूबर को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की कैबिनेट की सिफारिश पर राज्य में आपातकाल और गवर्नर शासन लागू किया था।
फजलुर रहमान ने इस फैसले को लोकतंत्र पर हमला बताया और इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने की बात कही। उन्होंने गवर्नर शासन लागू करने के फैसले को लेकर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की भी आलोचना की।

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मरियम नवाज ने किया पलटवार

फजलुर रहमान के बयानों पर पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सेना प्रमुख फील्ड मार्शल जनरल असीम मुनीर के बारे में की गई टिप्पणियों से हर देशभक्त पाकिस्तानी को ठेस पहुंची है। मरियम नवाज ने फजलुर रहमान पर खैबर पख्तूनख्वा में कथित बदइंतजामी और भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार लोगों का समर्थन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से जवाब मांगने के बजाय उनका बचाव किया जा रहा है। इस तरह पाकिस्तान में सेना की भूमिका, सरकार के जनादेश और खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर शासन को लेकर सियासी टकराव जारी है।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...

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