रायपुर सट्टा कांड,बाबू खेमानी की 1.42 करोड़ की संपत्ति होगी कुर्क, छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र तक फैला नेटवर्क

रायपुर: छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। रायपुर में ऑनलाइन सट्टा ऐप ‘3 STUMPS’ के कथित मास्टरमाइंड बाबू उर्फ गुलशन खेमानी की करीब 1.42 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने का कोर्ट ने आदेश दिया है। इसमें छत्तीसगढ़ में जमीन, महाराष्ट्र में व्यावसायिक दुकान और बैंक में जमा रकम शामिल है। पुलिस की अर्जी पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रायपुर ने 16 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी किया। अब संबंधित संपत्तियों के हस्तांतरण और बैंक जमा राशि की निकासी रोकने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
1.42 करोड़ की संपत्ति पर कानूनी शिकंजा
रायपुर पुलिस ने जांच के दौरान इन संपत्तियों को कथित सट्टे की कमाई से अर्जित बताया था। इन्हें जब्त करने के लिए न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया था। कोर्ट के आदेश के बाद संबंधित संपत्तियों पर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस ने राजस्व अधिकारियों, पंजीयन कार्यालयों और संबंधित बैंकों को पत्र भेजे हैं। संपत्तियों के हस्तांतरण तथा बैंक में जमा राशि निकालने पर रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। संबंधित जिलों के कलेक्टरों को भी आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए पत्र भेजे गए हैं।
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29 आरोपी गिरफ्तार, पहले भी जब्त हो चुके हैं वाहन और सामान
इस मामले में गुलशन खेमानी समेत 29 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस इससे पहले करीब 1.20 करोड़ रुपये मूल्य का सामान और वाहन जब्त कर चुकी है। अब कथित अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध के मामलों में केवल आरोपियों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनकी आर्थिक गतिविधियों और संपत्ति के स्रोत की भी जांच की जा रही है। इसका उद्देश्य अपराध से अर्जित संपत्तियों पर कानूनी कार्रवाई कर ऐसे नेटवर्क के आर्थिक आधार को कमजोर करना है।
कॉल सेंटर और बैंक खातों से चलता था कथित सट्टा नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, 13 अप्रैल 2026 को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और गंज पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा ऐप ‘3 STUMPS’ से जुड़े गिरोह का खुलासा किया था। जांच में सामने आया कि कथित तौर पर गुलशन खेमानी अपने सहयोगियों के माध्यम से कॉल सेंटर, अलग-अलग मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का इस्तेमाल कर सट्टे का संचालन करता था। पुलिस के मुताबिक, सट्टे से प्राप्त रकम पहले दूसरे लोगों के बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। इसके बाद उसे अन्य खातों में ट्रांसफर किया जाता था। इस प्रक्रिया में सहयोग करने वाले लोगों को कमीशन दिए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। मामले में गंज थाने में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
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महादेव ऐप की तर्ज पर कई ऑनलाइन पैनल चलाने का आरोप
जांच से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, खेमानी पर ‘3 STUMPS’ के जरिए आईपीएल मैचों में ऑनलाइन सट्टा संचालित करने का आरोप है। यह भी आरोप है कि वह पिछले ढाई साल से रेड्डी ग्रुप, बजरंग ग्रुप, मेट्रो 65 और डायमंड मास्टर जैसे ऑनलाइन पैनलों का संचालन कर रहा था। पुलिस इस नेटवर्क के संचालन, इससे जुड़े लोगों और कथित वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। इन पैनलों के जरिए अलग-अलग स्थानों पर बैठे ऑपरेटरों द्वारा यूजर्स को जोड़ने, दांव लगवाने और भुगतान संबंधी गतिविधियां संचालित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
म्यूल बैंक खातों से लेन-देन, ट्रांजैक्शन छिपाने की कोशिश
पुलिस जांच के अनुसार, कथित सट्टा सिंडिकेट में म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। ऐसे खातों के माध्यम से रकम को कई स्तरों पर ट्रांसफर किया जा सकता है, जिससे लेन-देन की वास्तविक कड़ी का पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सट्टे से प्राप्त रकम किन खातों में पहुंची, किन लोगों ने इसमें सहयोग किया और उससे कौन-कौन सी संपत्तियां खरीदी गईं।
16 अप्रैल को हुई थी बाबू खेमानी की गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, गुलशन खेमानी को 16 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया था। वह गिरफ्तारी के बाद से जेल में है। इससे पहले भी रायपुर पुलिस उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई कर चुकी है और जुर्माना लगाया गया था। वर्तमान मामले में संपत्ति कुर्क करने के आदेश के बाद पुलिस का फोकस कथित अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों और वित्तीय नेटवर्क पर है। आगे की कार्रवाई संबंधित विभागों और न्यायालय के आदेशों के अनुरूप की जाएगी।
संपत्ति के ट्रांसफर और बैंक निकासी पर रोक की प्रक्रिया
कोर्ट के आदेश के पालन में संबंधित विभागों को पत्र भेजे जाने के बाद अब संपत्तियों की कानूनी स्थिति, स्वामित्व और बैंक जमा राशि से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। संपत्ति की कुर्की और जब्ती की प्रक्रिया लागू कानूनी प्रावधानों तथा न्यायालय के आदेश के अनुसार पूरी होगी।




















