सीहोर में क्रिसेंट गरबा का नया अध्याय, 5 हजार बेटियों की भागीदारी के बाद विधायक सुदेश राय का बड़ा ऐलान, अब हर साल होगा
सीहोर। पांच हजार से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी, एक माह तक गरबा प्रशिक्षण और तीन दिनों तक भव्य महोत्सव।सीहोर के क्रिसेंट गरबा ने इस बार केवल सांस्कृतिक आयोजन की नहीं, बल्कि शहर की प्रतिभाओं को एक मंच पर लाने की मिसाल पेश की। आवासीय खेलकूद मैदान पर आयोजित महोत्सव की सफलता के बाद विधायक सुदेश राय ने इसे हर नवरात्र प्रतिवर्ष भव्य रूप से आयोजित करने का ऐलान किया है। श्रीमती अरुणा सुदेश राय प्रतिभा निखार मंच के इस आयोजन में महिलाओं, युवतियों और बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। आयोजन का नया संदेश यह रहा कि यदि प्रतिभाओं को प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और अवसर मिले, तो धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शहर की सामूहिक पहचान का माध्यम बन सकते हैं।
सिर्फ तीन दिन का गरबा नहीं, एक महीने की तैयारी ने बनाया आयोजन को खास
क्रिसेंट गरबा महोत्सव की खासियत यह रही कि इसकी तैयारी केवल आयोजन के तीन दिनों तक सीमित नहीं रही। प्रतिभागियों को तैयार करने के लिए एक माह तक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया। आयोजकों के अनुसार, इस दौरान पांच हजार से अधिक प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण और आयोजन से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लिया। शहर के विभिन्न वार्डों, मोहल्लों और कॉलोनियों से आई महिलाओं एवं बालिकाओं ने गरबा रास के जरिए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित की। प्रशिक्षण से लेकर अंतिम आयोजन तक बनी भागीदारी ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप दिया। इसने यह भी दिखाया कि सांस्कृतिक आयोजनों को योजनाबद्ध तरीके से तैयार किया जाए, तो उनमें बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ना संभव है।
राय परिवार पर भरोसा बना आयोजन की ताकत
किसी भी बड़े आयोजन की सफलता केवल मंच की भव्यता से तय नहीं होती, बल्कि इसमें शामिल होने वाले लोगों और उनके परिवारों का विश्वास भी अहम होता है। क्रिसेंट गरबा में बड़ी संख्या में परिवारों ने अपनी बेटियों और बहनों को भाग लेने के लिए भेजा। आयोजकों ने इसे राय परिवार के प्रति नागरिकों के भरोसे और आयोजन के पारिवारिक माहौल का परिणाम बताया। तीन दिवसीय महोत्सव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। किसी बड़े हादसे या अप्रिय घटना की सूचना सामने नहीं आई। धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक सहभागिता का अवसर उपलब्ध कराने वाले इस आयोजन में सुरक्षा, अनुशासन और व्यवस्थाओं को बनाए रखना महत्वपूर्ण रहा।
अरुणा राय की पहल ने प्रतिभाओं को दिया अवसर
श्रीमती अरुणा सुदेश राय प्रतिभा निखार मंच की प्रणेता अरुणा सुदेश राय ने आयोजन के जरिए महिलाओं और बालिकाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर उपलब्ध कराया। प्रतिभागियों के साथ उनके सहज और आत्मीय व्यवहार की भी चर्चा रही। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम से लेकर महोत्सव तक प्रतिभागियों के साथ अपनत्व का रिश्ता बनाए रखा। शहर में अनेक प्रतिभाएं मौजूद हैं, लेकिन उन्हें अपनी कला दिखाने के लिए बड़े और व्यवस्थित मंच हमेशा उपलब्ध नहीं होते। ऐसे में इस तरह की पहल प्रतिभागियों का आत्मविश्वास बढ़ाने और सांस्कृतिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने का माध्यम बन सकती है।
101 पुरस्कारों ने बढ़ाया उत्साह, बाइक से लैपटॉप तक मिले इनाम
महोत्सव में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली चुनिंदा प्रतिभागियों को अरुणा सुदेश राय प्रतिभा निखार मंच की ओर से 101 आकर्षक पुरस्कार दिए गए। इनमें बाइक, लैपटॉप, मोबाइल, वॉशिंग मशीन, कूलर और ओवन सहित अन्य पुरस्कार शामिल रहे। पुरस्कार प्राप्त करने वाली प्रतिभागियों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। पुरस्कार वितरण ने आयोजन को एक अतिरिक्त आकर्षण दिया। इससे प्रतिभागियों को प्रोत्साहन मिला और मंच पर बेहतर प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित करने का अवसर भी मिला।
राय परिवार के सदस्यों ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
महोत्सव को सफल बनाने में राय परिवार के प्रमुख राकेश राय, वरिष्ठ समाजसेवी अखिलेश राय, विधायक सुदेश राय, नीलेश राय, श्रीमती रोमानी राय, श्रीमती नमिता राय, श्रीमती अरुणा राय और श्रीमती सुषमा राय सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने सहयोग किया। राजकुमार जायसवाल रिंकू और श्रीमती शीतल राय की भूमिका का भी उल्लेख किया गया। आयोजन के दौरान पारिवारिक माहौल और सामूहिक सहभागिता पर जोर रहा। आयोजकों ने महोत्सव की सफलता का श्रेय प्रतिभागियों, उनके परिवारों और सहयोग करने वाले लोगों को दिया।
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अब हर नवरात्र आयोजन की चुनौती, बढ़ती अपेक्षाओं पर खरा उतरना होगा
क्रिसेंट गरबा महोत्सव की सफलता के बाद विधायक सुदेश राय ने इसे हर नवरात्र भव्य रूप से आयोजित करने का फैसला किया है। यह घोषणा आयोजन से जुड़े प्रतिभागियों और उनके परिवारों के लिए उत्साह बढ़ाने वाली है। हालांकि, अब इस घोषणा को हर वर्ष बेहतर व्यवस्थाओं, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और अधिक व्यापक सहभागिता के साथ जमीन पर उतारना अगली चुनौती होगी।






















