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बस्तर 2.0 की ओर बड़ा कदम:CM साय ने PM मोदी को सौंपा विजन, विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी

नक्सलमुक्त बस्तर में 360° विकास का रोडमैप, इंफ्रा, टूरिज्म, स्टार्टअप और रोजगार पर फोकस पीएम मोदी का प्रस्तावित दौरा बनेगा गेमचेंजर, कई मेगा प्रोजेक्ट्स को मिलेगी रफ्तार
CM साय ने PM मोदी को सौंपा विजन, विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के समग्र विकास का एक महत्वाकांक्षी ब्लूप्रिंट पेश किया। इस दौरान उन्होंने नक्सलवाद के खात्मे के बाद प्रदेश में स्थापित शांति के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया और उन्हें मानसून के बाद बस्तर आने का आमंत्रण भी दिया। प्रस्तावित दौरे में कई बड़ी परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है।

    नक्सलमुक्त बस्तर में विकास की नई शुरुआत

    मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बस्तर सहित पूरे राज्य में अब नक्सलवाद का प्रभाव समाप्त हो चुका है और क्षेत्र में शांति का माहौल है। यही कारण है कि अब सरकार का पूरा फोकस विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब डर नहीं, बल्कि संभावनाओं और अवसरों की नई पहचान बन रहा है।

    360° विकास मॉडल पर आधारित ब्लूप्रिंट

    मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत विकास योजना ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’ रणनीति पर आधारित है। इस मॉडल का उद्देश्य बस्तर के हर गांव तक विकास पहुंचाना है। इसके तहत सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल कनेक्टिविटी को तेजी से विस्तार देने का लक्ष्य रखा गया है।

    प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अधूरे कार्यों को 2027 तक पूरा करने के साथ 228 नई सड़कों और 267 पुलों के निर्माण का प्रस्ताव है। साथ ही 61 नई परियोजनाओं के लिए केंद्र से विशेष सहायता की मांग भी की गई है।

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     इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा

    बस्तर में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स प्रस्तावित हैं। इंद्रावती नदी पर बैराज निर्माण, रेल लाइन विस्तार और जगदलपुर एयरपोर्ट के विस्तार से क्षेत्र को देश के अन्य हिस्सों से बेहतर जोड़ा जाएगा। इससे न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि उद्योग और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

    शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े बदलाव 

    शिक्षा के क्षेत्र में 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में परिवर्तित किया जाएगा। इसके अलावा जगरगुंडा और ओरछा में एजुकेशन सिटी विकसित करने की योजना है। स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के विस्तार के साथ डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल भी बनाए जाएंगे।

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    युवाओं के लिए अवसर और खेल सुविधाएं

    युवाओं को सशक्त बनाने के लिए 15 नए स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे। साथ ही कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अब तक एक लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से लगभग 40 हजार को रोजगार मिल चुका है।

    कृषि और सिंचाई को मिलेगा बल

    इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार में दो बड़े सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनसे करीब 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। यह पहल बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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    आय बढ़ाने का लक्ष्य और योजनाओं का विस्तार

    राज्य सरकार ने तीन वर्षीय योजना के तहत 2029 तक 85% परिवारों की मासिक आय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने का लक्ष्य रखा है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना का विस्तार करते हुए इसे अधिक जिलों तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे विकास का लाभ व्यापक स्तर पर मिल सके।

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     स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा

    ‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के तहत बस्तर में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार ने 2030 तक 5,000 स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और नवाचार के अवसर मिलेंगे।

    पर्यटन बनेगा विकास का नया इंजन

    बस्तर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए कई परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। चित्रकोट जलप्रपात और तीरथगढ़ जलप्रपात जैसे प्राकृतिक स्थलों के साथ कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन भी क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं।

    ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम से गांव-गांव पहुंचेगा विकास

    ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम के तहत हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे, जहां लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मौके पर ही दिया जाएगा। आवश्यक दस्तावेज भी वहीं बनाए जाएंगे और समस्याओं का समाधान भी होगा।

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    Jitendra Sharma
    By Jitendra Sharma

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