Peoples Update Special :बड़वानी में 'मिशन ग्रीन कमांडो' से बदली स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर, पहाड़ों के अंतिम छोर तक पहुंच रहीं मेडिकल टीमें

पुष्पेन्द्र सिंह, भोपाल। मध्यप्रदेश के आकांक्षी जिलों में शामिल बड़वानी में दूर-दराज के आदिवासी और पहाड़ी क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने अनोखी पहल की है। कलेक्टर जयति सिंह के नेतृत्व में शुरू किए गए 'मिशन ग्रीन कमांडो' अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें दुर्गम पहाड़ों, जंगलों और पगडंडियों को पार कर गांव-गांव पहुंच रही हैं। इस अभियान का उद्देश्य उन गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है जो भौगोलिक कठिनाइयों के कारण अस्पतालों और नियमित टीकाकरण जैसी सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं।
सतपुड़ा की पहाड़ियों में बसे गांवों तक पहुंचीं स्वास्थ्य सेवाएं
बड़वानी जिले के सैकड़ों गांव सतपुड़ा की दुर्गम पहाड़ियों में बसे हैं। यहां तक पहुंचना बेहद कठिन है। कई गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय अस्पताल तक पहुंचने में भारी परेशानी होती है, जबकि अनेक बच्चे समय पर टीकाकरण और पोषण सेवाओं से वंचित रह जाते हैं। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने 'मिशन ग्रीन कमांडो' की शुरुआत की ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सीधे लोगों के घर तक पहुंच सकें।
ऐसे काम करता है 'मिशन ग्रीन कमांडो'
इस विशेष अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 200 टीमों का गठन किया है। हर टीम के पास जरूरी स्वास्थ्य सामग्री उपलब्ध रहती है जिसमें वैक्सीन कैरियर, मेडिकल किट, पोषण सामग्री रहती है। इन टीमों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO), ANM, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं।
- गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच करती हैं।
- बच्चों का नियमित टीकाकरण करती हैं।
- कुपोषित बच्चों की पहचान करती हैं।
- पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता भी फैलाती हैं।
कलेक्टर जयति सिंह खुद बनीं अभियान की प्रेरणा
'मिशन ग्रीन कमांडो' की खास बात यह है कि इसकी निगरानी और प्रेरणा स्वयं कलेक्टर जयति सिंह कर रही हैं। हाल ही में विकासखंड पाटी के बोकराटा सेक्टर के 15 गांवों में स्वास्थ्य टीमों ने लगभग 2,500 घरों तक पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं। इससे पहले पिछले वर्ष इसी अभियान के दौरान एक ही दिन में 4,500 से अधिक घरों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गई थीं।
क्यों रखा गया 'मिशन ग्रीन कमांडो' नाम?
कलेक्टर जयति सिंह के अनुसार जिस तरह सेना के कमांडो दुर्गम पहाड़ों, जंगलों और नदियों को पार कर अपना मिशन पूरा करते हैं, उसी तरह स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी कठिन रास्तों को पार कर अंतिम छोर पर बसे लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रही हैं। इसी सोच के साथ इस अभियान का नाम 'मिशन ग्रीन कमांडो' रखा गया।
स्वास्थ्य कार्यकर्ता बोलीं- पहली बार पहाड़ पार कर पहुंचे गांव
स्वास्थ्य कार्यकर्ता चांदनी धनकड़ ने बताया कि अपने सेवाकाल में पहली बार उन्होंने कठिन पहाड़ी रास्तों और पगडंडियों को पार कर ग्राम देवगढ़ तक पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं दीं। उन्होंने कहा कि यहां की गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचने में काफी परेशानी होती है। टीम को देखकर ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और उत्साह देखने को मिला।
ग्रामीण बोले- पहली बार स्वास्थ्य सेवाएं हमारे घर तक पहुंचीं
ग्राम सागमल के ग्रामीण बायदस खर्डिया ने कहा कि वे पहाड़ों पर रहते हैं, जहां स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य टीम गांव पहुंची, बच्चों को टीके लगाए, दवाइयां दीं और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया। उनके अनुसार पहली बार ऐसा महसूस हुआ कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं सचमुच उनके घर तक पहुंची हैं।
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दूरस्थ क्षेत्रों के लिए उम्मीद की नई किरण
'मिशन ग्रीन कमांडो' सिर्फ एक स्वास्थ्य अभियान नहीं बल्कि उन दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं को पहुंचाने का प्रयास है, जहां अब तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सीमित रही है। इस पहल से गर्भवती महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण परिवारों को समय पर इलाज, टीकाकरण और पोषण सेवाएं मिल रही हैं।












