अमित शाह पर टिप्पणी मामले में राहुल गांधी को राहत, 6 साल बाद कोर्ट ने किया बरी

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को उत्तर प्रदेश की सुल्तानपुर अदालत से बड़ी राहत मिली है। साल 2018 में तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने से जुड़े मानहानि मामले में विशेष MP-MLA अदालत ने 26 अक्टूबर 2026 को उन्हें बरी कर दिया। राहुल गांधी फैसले के समय अदालत में मौजूद थे। राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि विशेष MP-MLA अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया है। यह मामला करीब छह साल से अदालत में चल रहा था।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 8 मई 2018 का है। उस समय कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने बेंगलुरु में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए तत्कालीन बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी के खिलाफ बीजेपी नेता और जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद मामला सुल्तानपुर की विशेष MP-MLA अदालत में पहुंचा।
2023 में कोर्ट ने राहुल गांधी को किया था तलब
27 नवंबर 2023: अदालत ने राहुल गांधी को मुकदमे का सामना करने के लिए तलब किया।
20 फरवरी 2024: राहुल गांधी अदालत में पेश हुए। उन्होंने सरेंडर किया, जिसके बाद अदालत ने उन्हें जमानत दे दी।
26 जुलाई 2024: राहुल गांधी का अदालत में बयान दर्ज किया गया।
9 अक्टूबर 2024: शिकायतकर्ता विजय मिश्रा की गवाही दर्ज हुई।
2025 में शिकायतकर्ता के गवाहों के बयान दर्ज
मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से गवाह भी पेश किए गए।
28 फरवरी 2025: शिकायतकर्ता के गवाह अनिल मिश्रा की गवाही दर्ज हुई।
8 दिसंबर 2025: दूसरे गवाह रामचंद्र दुबे की गवाही दर्ज की गई।
2026 में वॉयस सैंपल को लेकर भी हुई कानूनी लड़ाई
मामले में शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी के वॉयस सैंपल का मिलान कराने की मांग भी की थी।
20 फरवरी 2026: राहुल गांधी का CrPC की धारा 313 के तहत बयान दर्ज किया गया।
12 मार्च 2026: शिकायतकर्ता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के वॉयस सैंपल के मिलान के लिए अदालत में अर्जी दाखिल की।
21 मई 2026: मजिस्ट्रेट कोर्ट से अर्जी खारिज होने के बाद शिकायतकर्ता ने सेशन कोर्ट में चुनौती दी।
15 जुलाई 2026: एडीजे कोर्ट ने भी निगरानी अर्जी खारिज कर दी।
10 सितंबर 2026: जिला न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की गई। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने इसे खारिज कर दिया।
26 अक्टूबर को अदालत ने सुनाया फैसला
मामले में 6 अक्टूबर 2026 को अंतिम बहस शुरू हुई थी। 12 अक्टूबर को सुनवाई पूरी हुई। इसके बाद 26 अक्टूबर को सुल्तानपुर की विशेष MP-MLA अदालत ने राहुल गांधी को मानहानि के इस मामले में बरी कर दिया। इस फैसले से उन्हें करीब छह साल से चल रहे मुकदमे में राहत मिली है।




















