चार साल की बच्ची को हाईकोर्ट से राहत: सरकार उठाएगी इलाज का पूरा खर्च

इंदौर। बड़वानी जिले में एसिड अटैक की शिकार चार वर्षीय मासूम बच्ची को बेहतर उपचार दिलाने के लिए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किए हैं। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि बच्ची को तत्काल किसी बड़े निजी अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू कराया जाए। इलाज का पूरा खर्च आयुष्मान भारत योजना के तहत वहन किया जाएगा और यदि उपचार या सर्जरी पर अतिरिक्त राशि खर्च होती है तो उसका भुगतान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण करेगा।
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एडवोकेट शन्नो शगुफ्ता खान ने बताया कि 29 मई को बड़वानी जिले में हुए एसिड अटैक में चार वर्षीय बच्ची, उसका छह वर्षीय भाई और उनकी मां गंभीर रूप से झुलस गए थे। घटना के बाद तीनों का उपचार राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुरू किया गया, लेकिन वहां आवश्यक विशेषज्ञ सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण हाईकोर्ट में बेहतर इलाज की मांग को लेकर याचिका दायर की गई।
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की व्यवस्था पर उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा गया कि पीड़ितों को लंबे समय तक विशेष उपचार की आवश्यकता है, जो इंदौर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में उपलब्ध कराया जा सकता है। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शन्नो शगुफ्ता खान ने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के बर्न वार्ड के फोटोग्राफ अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए और वहां की सफाई तथा रखरखाव की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दलील दी कि इतनी गंभीर स्थिति में बच्चों का उपचार उच्चस्तरीय निजी अस्पताल में कराया जाना आवश्यक है।
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दोनों मासूम गंभीर रूप से झुलसे
याचिका में अदालत को बताया गया कि डॉक्टरों की समिति की रिपोर्ट के अनुसार दोनों बच्चे गंभीर रूप से झुलसे हैं। यदि समय पर विशेषज्ञ उपचार नहीं मिला तो भविष्य में गंभीर चिकित्सीय जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। इस पर कोर्ट ने चार वर्षीय बच्ची को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू करने के निर्देश दिए।
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परिवार से नहीं ली जाएगी कोई राशि
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अस्पताल उपचार का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखेगा और पीड़ित परिवार से किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं मांगा जाएगा। इलाज का खर्च पहले आयुष्मान भारत योजना से वहन किया जाएगा। यदि विशेष सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी या अन्य उपचार पर खर्च बीमित राशि से अधिक होता है, तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, इंदौर आवश्यक अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराएगा।












