धन्यवाद इंदौर पुलिस – गूगल लोकेशन बनी विवाद की वजहऑटो चालक पहुंचा जेल ,CCTV ने पहुंचाया सलाखों तक

इंदौर। शहर में महज 20 रुपये के विवाद ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब एक ऑटो चालक ने 12 वर्षीय बच्चे को घर छोड़ने के बाद उसकी मां से अभद्रता करते हुए मारपीट करने का प्रयास किया। पूरी घटना घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वीडियो सामने आने के बाद लसूड़िया पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे धारा 151 के तहत न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।
घटना लसूड़िया थाना क्षेत्र स्थित तुलसी नगर की बताई जा रही है। क्षेत्र में रहने वाली एक महिला (परिवर्तित नाम रश्मि) ने अपने 12 वर्षीय बेटे को कोचिंग से घर लाने के लिए रैपिडो एप के माध्यम से एक ऑटो बुक किया था। बुकिंग मिलने पर ऑटो चालक मनोज गंगारेकर (वाहन क्रमांक एमपी-09-एयू-5479) बच्चे को कोचिंग सेंटर से लेकर घर के लिए रवाना हुआ।
बताया गया कि गूगल मैप की लोकेशन सही नहीं मिलने के कारण ऑटो चालक घर तक नहीं पहुंच पाया और कुछ दूरी पर ही बच्चे को उतार दिया। बच्चा सुरक्षित अपने घर पहुंच गया। इसके बाद चालक ने महिला को फोन कर अतिरिक्त किराए की मांग की। महिला ने पहले बच्चे को सही-सलामत घर तक पहुंचाने और उसके बाद अतिरिक्त राशि देने की बात कही, लेकिन चालक इसी बात पर भड़क गया।
फोन पर अभद्रता, फिर घर पहुंचकर मारपीट की कोशिश
महिला के अनुसार चालक ने पहले फोन पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इसके बाद वह घर के बाहर पहुंचा और अतिरिक्त 20 रुपये को लेकर बहस करने लगा। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और चालक ऑटो से उतरकर महिला के साथ मारपीट करने के लिए आगे बढ़ा। घटना के दौरान महिला घबरा गई, जबकि आसपास के लोग मौके पर एकत्रित हो गए।
सीसीटीवी बना सबसे बड़ा गवाह
ऑटो चालक को इस बात का अंदाजा नहीं था कि मकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में उसकी पूरी हरकत रिकॉर्ड हो रही है। वीडियो में चालक महिला से विवाद करते और आक्रामक व्यवहार करते हुए दिखाई दे रहा है। घटना के दौरान आसपास के रहवासियों ने बीच-बचाव कर चालक को समझाने का प्रयास किया। लोगों ने उसे सिर्फ 20 रुपये के लिए विवाद न करने और शांतिपूर्वक मामला खत्म करने की सलाह भी दी, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि स्थानीय लोग समय रहते बीच-बचाव नहीं करते तो महिला के साथ गंभीर घटना हो सकती थी।
थाना प्रभारी के निर्देश पर चंद घंटों में गिरफ्तारी
घटना की जानकारी मिलते ही लसूड़िया थाना प्रभारी राजकुमार यादव ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल पुलिस टीम को ऑटो के रजिस्ट्रेशन नंबर और मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी की तलाश के निर्देश दिए। पुलिस ने तकनीकी सहायता और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कुछ ही घंटों में आरोपी मनोज गंगारेकर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 151 के तहत कार्रवाई कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना
घटना के बाद क्षेत्रीय रहवासियों ने लसूड़िया पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं करती तो आरोपी का मनोबल बढ़ सकता था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं के साथ अभद्रता और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।












