FIFA World Cup 2026 :5 लाख आबादी वाले देश ने रचा इतिहास, पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट में पहुंचा केप वर्डे

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में केप वर्डे ने इतिहास रच दिया है। महज 5 लाख से थोड़ी ज्यादा आबादी वाला यह छोटा-सा देश पहली बार वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करने के बाद अब नॉकआउट राउंड में भी पहुंच गया है। शनिवार को स्पेन ने उरुग्वे को 1-0 से हराया, जिसके बाद केप वर्डे का राउंड ऑफ-32 का टिकट पक्का हो गया। अब 3 जुलाई को मियामी गार्डन्स में केप वर्डे का मुकाबला मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना से होगा।
पहली कोशिश में ही बनाया बड़ा रिकॉर्ड
अफ्रीका के पश्चिमी तट पर स्थित द्वीपीय देश केप वर्डे क्षेत्रफल और आबादी, दोनों के हिसाब से फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट चरण में पहुंचने वाला सबसे छोटा देश बन गया है। 56 वर्षीय कोच बुबिस्टा की टीम ने करीब आठ महीने पहले पहली बार वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई किया था। अब अपने पहले ही वर्ल्ड कप में टीम ने ग्रुप स्टेज पार कर नया इतिहास रच दिया है।
ग्रुप स्टेज में नहीं हारा एक भी मैच
केप वर्डे ने अपने अभियान की शुरुआत स्पेन के खिलाफ 0-0 के ड्रॉ से की। इस मैच में टीम के मजबूत डिफेंस की काफी तारीफ हुई। इसके बाद दूसरे मुकाबले में दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ खेलकर टीम ने अपनी आक्रामक क्षमता भी दिखाई। तीसरे मैच में सऊदी अरब के खिलाफ भी मुकाबला 0-0 से बराबरी पर रहा। इस तरह केप वर्डे ने ग्रुप स्टेज में एक भी मैच नहीं गंवाया और तीन अंकों के साथ ग्रुप H में दूसरे स्थान पर रहकर नॉकआउट में जगह बनाई। टीम स्पेन से पीछे रही, जबकि उरुग्वे से एक अंक आगे रही।
आबादी दिल्ली के चांदनी चौक से भी कम
केप वर्डे की कुल आबादी करीब 5 लाख 25 हजार है, जो दिल्ली के चांदनी चौक की आबादी से भी कम मानी जाती है। हालांकि आबादी के लिहाज से कुराकाओ और आइसलैंड जैसे देश इससे छोटे हैं, लेकिन वे इस बार ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सके। ऐसे में केप वर्डे वर्ल्ड कप के नॉकआउट में पहुंचने वाला सबसे छोटा देश बन गया है।
2002 के बाद पहली बार बना ऐसा रिकॉर्ड
केप वर्डे ने अपने पहले ही वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज बिना कोई मैच हारे पार किया है। 2002 में सेनेगल के बाद यह पहली टीम है जिसने अपने डेब्यू वर्ल्ड कप में यह उपलब्धि हासिल की है।
गोलकीपर वोज़िन्हा बने टीम के सबसे बड़े हीरो
सऊदी अरब के खिलाफ मुकाबले में 40 वर्षीय गोलकीपर वोज़िन्हा टीम की जीत के सबसे बड़े हीरो साबित हुए। उन्होंने पूरे मैच में शानदार गोलकीपिंग करते हुए कई आसान दिखने वाले गोल बचाए। पहले हाफ के स्टॉपेज टाइम में उन्होंने मोहम्मद कानो के हेडर को रोका। इसके बाद 66वें मिनट में मोहम्मद अबू अल-शमत के खतरनाक शॉट को शानदार छलांग लगाकर बचाया। वहीं, 92वें मिनट में अब्दुल्ला अल-हमदान के शॉट को रोककर उन्होंने टीम को अहम ड्रॉ दिलाया और नॉकआउट का रास्ता साफ कर दिया।











