बैंकों में 5 डे वीक की मांग तेज, भोपाल में बैंककर्मियों का प्रदर्शन; बोले- मांग नहीं मानी तो करेंगे हड़ताल

बैंकों में सप्ताह में पांच दिन कामकाज लागू करने की मांग को लेकर बैंक कर्मचारियों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। बुधवार को भोपाल में बैंककर्मियों ने 5 डे वीक बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारी अरेरा हिल्स स्थित पंजाब नेशनल बैंक के जोनल ऑफिस के सामने जुटे और नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। इसके बाद यहां सभा भी आयोजित की गई। प्रदर्शन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर किया गया। भोपाल में फोरम की स्थानीय इकाई के नेतृत्व में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। सभा में संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने जल्द ही 5 डे वीक की मांग पर फैसला नहीं लिया, तो बैंक कर्मचारी आगे अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपना सकते हैं।
2015 में दूसरे और चौथे शनिवार की छुट्टी हुई थी
बैंक यूनियंस के पदाधिकारियों ने कहा कि पहले बैंक कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक पूरे दिन और हर शनिवार को आधे दिन काम करते थे। वर्ष 2015 में सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के बीच सहमति के बाद दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक अवकाश घोषित किया गया। वहीं बाकी शनिवार को बैंक शाखाओं में पूरा कार्यदिवस रखा गया। उस समय डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई थी। यूनियनों का कहना है कि डिजिटल सेवाओं के विस्तार से बैंक शाखाओं में ग्राहकों की आवाजाही में बदलाव आया है। साथ ही उस समय यह भी तय किया गया था कि भविष्य में बाकी शनिवारों को भी अवकाश देने के प्रस्ताव पर उचित समय पर विचार किया जाएगा।
वेतन समझौते में 5 डे वीक पर बनी थी सहमति
बैंक कर्मचारियों का कहना है कि मार्च 2024 के वेतन संशोधन समझौते के दौरान इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने के प्रस्ताव पर सहमति जताई थी। इसके तहत ग्राहकों के लिए बैंकिंग कारोबार के समय में प्रतिदिन करीब 40 मिनट की बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव था। इसके बदले बचे हुए शनिवारों को भी बैंक अवकाश घोषित किया जाना था। यूनियनों के अनुसार, इस व्यवस्था से ग्राहकों के लिए बैंकिंग सेवाओं के कुल कारोबारी घंटों में कमी नहीं होती।
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वित्त मंत्रालय के पास लंबित है प्रस्ताव
बैंक यूनियंस के मुताबिक 5 डे वीक लागू करने का प्रस्ताव मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय को भेजा गया था। हालांकि, दो साल से ज्यादा समय बीतने के बावजूद इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। यूनियनों का कहना है कि सरकार के स्तर पर कई बार मांग उठाने के बाद भी जब समाधान नहीं निकला, तो कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
जनवरी में भी हुई थी बैंक हड़ताल
बैंक यूनियनों ने बताया कि 5 डे वीक की मांग को लेकर 27 जनवरी 2026 को बैंक हड़ताल भी की गई थी। इसके बावजूद मामला अभी तक सरकार के स्तर पर लंबित है। अब बुधवार के प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मचारियों ने एक बार फिर केंद्र सरकार से मार्च 2024 के समझौते में किए गए वादे को लागू करने और सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था शुरू करने की मांग की है।
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इन पदाधिकारियों ने किया संबोधित
भोपाल में आयोजित सभा को UFBU से जुड़े बैंक यूनियनों के पदाधिकारियों संजीव मिश्रा, वीके शर्मा, दिनेश झा, प्रवीण मेघानी, दीपक रत्न शर्मा, निर्भय सिंह ठाकुर, संजय कुदेशिया, वीएस नेगी, देवेंद्र खरे और मनीष भार्गव समेत अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया। संगठन के नेताओं ने कहा कि बैंक कर्मचारियों की मांग लंबे समय से सरकार के पास लंबित है। यदि जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर हड़ताल का फैसला भी लिया जा सकता है।












