पीपुल्स इंपैक्ट:बौद्ध विहारों में अब भिक्षुओं का होगा सत्यापन, बांग्लादेशी पासपोर्ट मामले के बाद नागपुर से निर्देश

भोपाल। बांग्लादेशी नागरिकों के पासपोर्ट बनवाने में बौद्ध विहारों के पते के कथित इस्तेमाल और भिक्षु के बयान से जुड़े मामले का खुलासा पीपुल्स समाचार में होने के बाद अब बौद्ध विहारों में भिक्षुओं के प्रवेश और निवास को लेकर सत्यापन के निर्देश जारी किए गए हैं। ऑल इंडिया बौद्ध विहार समन्वय समिति, नागपुर की ओर से देशभर के संबद्ध बौद्ध विहारों को भिक्षुओं की पहचान और प्रमाणीकरण के निर्देश दिए गए हैं। समिति का कहना है कि इससे विहारों के संभावित दुरुपयोग को रोका जा सकेगा।
समिति सदस्यों की पृष्ठभूमि का भी होगा सत्यापन
पीपुल्स समाचार ने 12 सितंबर 2026 के अंक में ‘2025 में हो जाता खुलासा...तब 5 की सिफारिश वापस लेने पर पुलिस ने दी थी क्लीनचिट’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। स्थानीय स्तर पर बौद्ध विहारों के पंजीयन के दौरान बनने वाली समितियों में शामिल लोगों की पृष्ठभूमि का भी सत्यापन किए जाने की बात कही गई है।
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अब इनका होगा सत्यापन
- भिक्षु बनने का प्रमाण-पत्र और उपसंपदा प्रमाण-पत्र।
- संबंधित आचार्य या भदंत के शिष्य होने की जानकारी।
- मूल विहार या गुरुविहार से पूर्व और वर्तमान आचरण का सत्यापन।
- सत्यापन के बिना भिक्षु वेश में विहार में निवास की अनुमति नहीं।
“जांच के बाद ही प्रवेश हो”
मध्यप्रदेश का पासपोर्ट मामला बेहद चिंताजनक है। किसी भी विहार या मठ में किसी भंते या भिक्षु के पहुंचने पर उसकी जांच होनी चाहिए। भिक्षुओं की पहचान के लिए जारी आईडी भी प्रवेश के दौरान जांची जानी चाहिए।
-रतन सोमकुंवर, अध्यक्ष, भारतीय बौद्ध महासभा, नागपुर
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