भीड़ ने पीटने का बाद लगाई थी आग, इलाज के दौरान हिंदू व्यवसायी खोकोन दास की मौत

नई दिल्ली/ढाका। बांग्लादेश के शरियतपुर में हिंदू युवक खोकोन चंद्र दास को आग लगाने और मारपीट के बाद उसे किसी तरह बचाया गया था। खोकोन को शरियतपुर और बाद में ढाका के अस्पताल में भर्ती कराया गया। शनिवार को उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया खोकोन चंद्र दास करीब 30 प्रतिशत तक जल गए थे। कुछ दिन पहले बांग्लादेश में दीपूचंद्र दास और अमृत मंडल की भी हत्या हो चुकी है। बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है।
मोबाइल बैंकिंग और दवा दुकान चलाते थे खोकोन
बांग्लादेशी मीडिया में सामने आई जानकारी के मुताबिक खोकोन चंद्र दास कोनेश्वर यूनियन के वार्ड नंबर-3 के तिलाई गांव के निवासी थे। वह अपने गांव के नजदीक बाजार में मोबाइल बैंकिंग और दवाइयों की दुकान चलाते थे। 31 दिसंबर की रात रोजमर्रा की तरह दुकान बंद करने के बाद वह सीएनजी ऑटो रिक्शा से घर की ओर रवाना हुए थे। रात करीब साढ़े नौ बजे केउरभंगा बाजार के पास कुछ बदमाशों ने ऑटो रिक्शा रोककर खोकोन को जबरन बाहर निकाल लिया। इसके बाद उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। हमलावरों ने उन पर चाकू से हमला किया और फिर पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया। जान बचाने के लिए खोकोन पास के एक तालाब में कूद पड़े। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे।
दुश्मनी नहीं, फिर अचानक हमला क्यों
खोकोन दास की पत्नी सीमा ने बांग्लादेशी मीडिया को बताया कि उनके पति हर दिन की तरह उस रात भी दुकान बंद करने के बाद घर लौट रहे थे। सीमा के मुताबिक खोकोन ने हमलावरों में से दो लोगों को पहचान लिया था। उनका कहना है कि पहचान हो जाने के कारण ही बदमाशों ने पहले चाकू से वार किया और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। सीमा ने कहा कि उनके परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा कि उनके पति को अचानक इस तरह क्यों निशाना बनाया गया। सीमा ने दावा किया कि हमला करने वाले लोग मुस्लिम समुदाय से थे। इस मामले में पुलिस ने दो हमलावरों की पहचान रब्बी और सोहाग के तौर पर की है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।












