ढाका। बांग्लादेश सरकार ने भारत में तैनात अपने उच्चायुक्त एम. रियाज हमीदुल्लाह को तत्काल प्रभाव से ढाका बुलाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विदेश मंत्रालय के निर्देश पर वह सोमवार देर रात राजधानी पहुंच गए। बांग्लादेश के प्रतिष्ठित अखबार प्रथम आलो ने विदेश मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया कि भारत-बांग्लादेश द्विपक्षीय संबंधों की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल के घटनाक्रम और दोनों देशों के आपसी रिश्तों को लेकर उच्च स्तर पर चर्चा की जाएगी।
हालांकि, सरकार की ओर से अब तक यह साफ नहीं किया गया है कि इस बैठक में किन मुद्दों पर विशेष रूप से बातचीत होगी। माना जा रहा है कि मौजूदा हालात और भविष्य की रणनीति को लेकर मंथन किया जा सकता है।
भारत ने 26 दिसंबर को जारी एक आधिकारिक बयान में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर गंभीर चिंता जताई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की निर्मम हत्या को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हम ढाका में हिंदू युवक की हत्या की कड़ी निंदा करते हैं और उम्मीद करते हैं कि इस जघन्य अपराध में शामिल लोगों को जल्द से जल्द सख्त सजा दी जाएगी।”
बता दें भारत ने 23 दिसंबर को बांग्लादेश के उच्चायुक्त एम. रियाज हमीदुल्लाह को तलब किया था। इस दौरान भारत ने बांग्लादेश में भारतीय राजनयिकों और भारतीय मिशनों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। साथ ही अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से हिंदुओं पर हो रहे हमलों का मुद्दा भी मजबूती से उठाया गया था।
यह एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार था जब भारत ने हमीदुल्लाह को तलब किया। इससे पहले 17 दिसंबर को भी उन्हें विदेश मंत्रालय बुलाया गया था।
इसी दिन बांग्लादेश ने भारत में अपने उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब किया। ढाका ने भारत में बांग्लादेशी मिशनों के बाहर हुए प्रदर्शनों पर आपत्ति जताई। यह भी 10 दिनों के भीतर दूसरी बार था जब बांग्लादेश ने भारतीय उच्चायुक्त को समन किया। इससे पहले 14 नवंबर को उन्हें तलब किया गया था।
बांग्लादेशी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद भारत विरोधी प्रदर्शनों और फिर मैमन सिंह जिले में दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग की घटना ने दोनों देशों के संबंधों में तनाव और बढ़ा दिया है। इन घटनाओं के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक स्तर पर तल्खी साफ नजर आ रही है।