जम्मू-कश्मीर:उमर अब्दुल्ला का BJP के मानहानि केस पर तंज, बोले- ये कानूनी नोटिस नहीं प्रेम पत्र है

जम्मू-कश्मीर की सियासत में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और भारतीय जनता पार्टी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी पर उनकी सरकार को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों को पैसे और मंत्री पद का लालच देकर पाला बदलने के लिए संपर्क किया गया। उमर अब्दुल्ला के इन आरोपों के बाद बीजेपी की जम्मू-कश्मीर इकाई ने उन्हें कानूनी नोटिस भेजा है। बीजेपी ने आरोपों को निराधार बताते हुए इसे मानहानि का मामला बताया है।
बीजेपी ने भेजा कानूनी नोटिस
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीजेपी की जम्मू-कश्मीर यूनिट की ओर से भेजे गए नोटिस में उमर अब्दुल्ला के उन आरोपों पर आपत्ति जताई गई है, जिनमें उन्होंने बीजेपी पर सरकार गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। नोटिस में कहा गया है कि इस तरह के आरोप सिविल और क्रिमिनल कानून के तहत मानहानि की श्रेणी में आते हैं। बीजेपी ने मुख्यमंत्री से अपने बयान वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। नोटिस में कथित तौर पर कहा गया है कि यदि सात दिनों के भीतर माफी नहीं मांगी गई तो पार्टी 100 करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे की कार्रवाई कर सकती है।
यह नोटिस नहीं प्रेम पत्र है
बीजेपी के कानूनी नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसे अलग अंदाज में लिया। पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा यह कानूनी नोटिस नहीं बल्कि प्रेम पत्र है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में वह ऐसे राजनेता हैं, जिन्हें बीजेपी नजरअंदाज नहीं कर सकती इसलिए उन्हें इस तरह का नोटिस भेजा गया है।
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बीजेपी पर राजनीतिक लड़ाई को अदालत तक ले जाने का आरोप
उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह उनके राजनीतिक लड़ने के तरीके को दिखाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी राजनीतिक मुद्दों को अदालतों के माध्यम से आगे बढ़ाने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि वह भी विधानसभा में दिए गए विशेषाधिकारों का सहारा लेकर बयान दे सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी बात विधानसभा के बाहर रखी है और इसके लिए जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं।
अब्दुल्ला ने भी कानूनी कार्रवाई के दिए संकेत
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि बीजेपी के कुछ नेताओं की ओर से लगातार उन पर और उनकी पार्टी पर आरोप लगाए जाते रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि अब वह भी कुछ बीजेपी नेताओं को कानूनी नोटिस भेजने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लड़ाई जारी रहेगी और अब देखना होगा कि यह कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में जाती है।
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क्या है पूरा विवाद?
दरअसल यह विवाद तब शुरू हुआ जब उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों को अपने पक्ष में करने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया था कि कुछ विधायकों को 20 से 30 करोड़ रुपये तक की पेशकश और मंत्री पद का लालच दिया गया। बीजेपी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें पार्टी की छवि खराब करने वाला बताया और अब कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है फिलहाल जम्मू-कश्मीर की राजनीति में यह मामला एक नए सियासी विवाद के रूप में सामने आया है, जहां आरोप-प्रत्यारोप के साथ अब कानूनी लड़ाई की भी शुरुआत होती दिख रही है।












